By:Vikash Kumar Raut (Vicky)
Panchang 8 August 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार 8 अगस्त 2026, शनिवार के दिन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने में शिव पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान करने से मन को शांति मिलने की मान्यता है।8 अगस्त को दशमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे। वृषभ राशि के स्वामी शुक्रदेव माने जाते हैं। ऐसे में आज का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की योजना बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

अगर आप भी 8 अगस्त को कोई शुभ कार्य करने की तैयारी कर रहे हैं या पूजा-पाठ के लिए सही समय जानना चाहते हैं, तो दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी जरूर देख लें। आइए जानते हैं 8 अगस्त 2026 का संपूर्ण पंचांग।
8 अगस्त 2026 का पंचांग
दिन: शनिवार
तारीख: 8 अगस्त 2026
माह: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी
वार: शनिवार
नक्षत्र: रोहिणी
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: कर्क
योग: ध्रुव
करण: गर
राहुकाल: दिन के अशुभ समय में माना जाता है, इसलिए इस दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

श्रावण कृष्ण दशमी तिथि का महत्व
हिंदू धर्म में प्रत्येक तिथि का अपना विशेष महत्व माना गया है। श्रावण मास की कृष्ण पक्ष दशमी तिथि पर भगवान शिव की पूजा और आराधना करना शुभ माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। हालांकि पूजा-पाठ की विधि और धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

रोहिणी नक्षत्र का महत्व
8 अगस्त को रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी को चंद्रमा से संबंधित नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र का संबंध आकर्षण, रचनात्मकता और स्थिरता जैसे गुणों से जोड़ा जाता है। रोहिणी नक्षत्र में किए जाने वाले कार्यों को लेकर अलग-अलग धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं। किसी विशेष शुभ कार्य के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना अधिक उचित माना जाता है।

ध्रुव योग का संयोग
इस दिन ध्रुव योग भी बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में ध्रुव योग को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग में शुरू किए गए कुछ कार्यों में स्थिरता बनाए रखने की संभावना रहती है।
हालांकि किसी भी शुभ कार्य के लिए केवल योग ही नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र, वार और स्थानीय समय को भी ध्यान में रखा जाता है।

चंद्रमा का वृषभ राशि में गोचर
8 अगस्त को चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में वृषभ राशि का स्वामी शुक्र ग्रह को माना जाता है। चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुखों से जोड़ा जाता है। चंद्रमा के वृषभ राशि में गोचर को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से अलग-अलग प्रभाव बताए जाते हैं। हालांकि इसका व्यक्तिगत प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है।

अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को हिंदू पंचांग में दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। इस समय भगवान का स्मरण, पूजा-पाठ और कई शुभ कार्य करने की परंपरा है। 8 अगस्त को किसी विशेष कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त का उपयोग करने से पहले अपने शहर के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार पंचांग देखना जरूरी है, क्योंकि मुहूर्त का समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

राहुकाल कब रहेगा?
राहुकाल को ज्योतिषीय मान्यताओं में अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। शनिवार के दिन राहुकाल का समय सामान्यतः दिन के एक निश्चित भाग में आता है, लेकिन इसका सटीक समय आपके स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदलता है। इसलिए 8 अगस्त को किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए राहुकाल को जरूर जांच लें।

8 अगस्त को पूजा-पाठ में क्या करें?
श्रावण मास होने के कारण 8 अगस्त को भगवान शिव की पूजा करना विशेष माना जा सकता है। श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का स्मरण कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करके बेलपत्र चढ़ाया जा सकता है और अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जा सकता है।यदि आप व्रत रखते हैं, तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार ही व्रत का पालन करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए भगवान शिव का ध्यान करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
8 अगस्त को किन बातों का रखें ध्यान?
आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और स्थानीय मुहूर्त की जानकारी देखना बेहतर रहेगा। राहुकाल में नए महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें। धार्मिक कार्य श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।विशेष रूप से किसी विवाह, गृह प्रवेश, भूमि खरीद, वाहन खरीद या अन्य बड़े मांगलिक कार्य के लिए केवल सामान्य पंचांग पर निर्भर रहने के बजाय स्थानीय पंचांग और योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

आज का पंचांग एक नजर में
8 अगस्त 2026 को श्रावण कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करेंगे। श्रावण मास के कारण भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं किसी भी शुभ कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय अपने शहर के अनुसार जांचना जरूरी है।
इस लेख में दी गई पंचांग और ज्योतिष संबंधी जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त के समय में अंतर हो सकता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय के लिए स्थानीय पंचांग और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें। Newsbag किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं देता।

