By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Apple ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए iPhone को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने भारत सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में MacBook, iPad, iMac, Mac Studio, Apple TV और अन्य होम एंटरटेनमेंट डिवाइस की कीमतें बढ़ा दी हैं। कुछ प्रीमियम मॉडल्स की कीमतों में लगभग 1 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर बढ़ती लागत, सप्लाई चेन चुनौतियों और आयात शुल्क जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। हालांकि Apple ने iPhone की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन बाकी प्रोडक्ट्स के महंगे होने से ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
किन प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ीं?
Apple द्वारा जिन प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
– MacBook Air
– MacBook Pro
– iMac
– Mac Studio
– Mac Mini
– iPad के कुछ मॉडल
– Apple TV
– Home Entertainment डिवाइस
– अन्य Mac Accessories
प्रीमियम कॉन्फ़िगरेशन वाले कुछ मॉडल्स में कीमतों में करीब 1 लाख रुपये तक का अंतर देखने को मिला है।

भारत में भी बढ़े दाम
Apple ने केवल अमेरिकी बाजार में ही नहीं बल्कि भारतीय ग्राहकों के लिए भी नई कीमतें लागू कर दी हैं। भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर कई Mac और iPad मॉडल पहले की तुलना में अधिक कीमत पर उपलब्ध हैं। भारत Apple के लिए तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। ऐसे में कीमतों में यह बदलाव सीधे छात्रों, प्रोफेशनल्स, कंटेंट क्रिएटर्स और बिजनेस यूजर्स को प्रभावित करेगा।

iPhone क्यों नहीं हुआ महंगा?
सबसे बड़ी बात यह है कि Apple ने फिलहाल iPhone की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि iPhone कंपनी का सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है। प्रतिस्पर्धा को देखते हुए Apple फिलहाल इसकी कीमत स्थिर रखना चाहती है ताकि बिक्री प्रभावित न हो।इसके अलावा आगामी iPhone सीरीज की लॉन्चिंग को देखते हुए भी कंपनी फिलहाल कीमतों में बदलाव से बचना चाहती है।

कीमतें बढ़ाने के पीछे क्या वजह हो सकती है?
हालांकि Apple ने आधिकारिक रूप से विस्तृत कारण नहीं बताया है, लेकिन टेक इंडस्ट्री के जानकार कई संभावित वजहें मान रहे हैं।
– वैश्विक सप्लाई चेन की लागत में वृद्धि
– आयात शुल्क और टैक्स में बदलाव
– डॉलर के मुकाबले विभिन्न देशों की मुद्रा में उतार-चढ़ाव
– प्रोडक्शन कॉस्ट में इजाफा
– हाई-एंड चिप्स और कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमत
इन कारणों का असर प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों पर लगातार देखने को मिल रहा है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?
कीमतें बढ़ने के बाद नए MacBook या iPad खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।
विशेष रूप से—
– कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र
– वीडियो एडिटर
– ग्राफिक डिजाइनर
– सॉफ्टवेयर डेवलपर
– बिजनेस प्रोफेशनल्स
इन सभी के लिए Apple डिवाइस खरीदना अब पहले से अधिक महंगा साबित हो सकता है।

क्या खरीदारी का सही समय निकल गया?
यदि कोई ग्राहक Apple का नया MacBook या iPad खरीदने की योजना बना रहा था तो अब उसे अतिरिक्त बजट तैयार करना होगा। हालांकि त्योहारों के दौरान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बैंक ऑफर्स के जरिए कुछ राहत मिल सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कीमतों की तुलना जरूर करें और उपलब्ध एक्सचेंज ऑफर या कैशबैक का लाभ उठाएं।
Apple की रणनीति क्या संकेत देती है?
Apple लगातार अपने प्रीमियम ब्रांड इमेज को बनाए रखने पर जोर दे रही है। कंपनी की रणनीति केवल अधिक बिक्री पर नहीं बल्कि अधिक वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स बेचने पर केंद्रित रही है। कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनी अपने प्रीमियम सेगमेंट को मजबूत बनाए रखना चाहती है। वहीं iPhone की कीमत स्थिर रखकर वह स्मार्टफोन बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति भी बनाए रखना चाहती है।

Apple द्वारा iPhone को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाना तकनीकी बाजार की बड़ी खबर है। भारत सहित कई देशों में MacBook, iPad और अन्य डिवाइस अब पहले से अधिक महंगे हो गए हैं। जिन ग्राहकों की योजना Apple का नया लैपटॉप या टैबलेट खरीदने की थी, उन्हें अब अतिरिक्त बजट तैयार करना होगा। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ी हुई कीमतों का Apple की बिक्री और बाजार हिस्सेदारी पर कितना असर पड़ता है।

