By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
लखनऊ में 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले रविवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। देशभक्ति के रंग में रंगी इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लेकर लोगों ने राष्ट्रभक्ति के नारे लगाए और देश के वीर जवानों तथा स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया और राष्ट्र के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से लिए गए राष्ट्रहित से जुड़े फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को देश की आन-बान-शान से जोड़ते हुए इनके सम्मान को प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया।

राष्ट्र प्रतीकों के सम्मान पर CM योगी का जोर
लखनऊ में तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र के प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीक केवल औपचारिक पहचान नहीं हैं, बल्कि इनके साथ करोड़ों भारतीयों की भावनाएं और देश के गौरव का भाव जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय भी बन गया है। उनका कहना है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। तिरंगे को देश की एकता और स्वतंत्रता की पहचान बताते हुए उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर देशहित और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।

तिरंगा यात्रा में दिखा देशभक्ति का माहौल
लखनऊ में निकली तिरंगा यात्रा के दौरान सड़कें देशभक्ति के नारों से गूंजती नजर आईं। हाथों में तिरंगा लेकर लोग यात्रा में शामिल हुए। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करना तथा देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद करना रहा। तिरंगा यात्रा जैसे कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ने की कोशिश की जाती है। ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों के माध्यम से भी देशभर में लोगों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने की अपील की जाती रही है।

PM मोदी के नेतृत्व में लिए गए फैसलों की तारीफ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशहित में लिए गए फैसलों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और देश की सुरक्षा, सम्मान तथा विकास को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। सीएम योगी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की बात कहते हुए लोगों से देश की एकता और अखंडता के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उनके संबोधन में राष्ट्रीय गौरव, देश की सुरक्षा और नागरिकों की जिम्मेदारियों पर विशेष जोर रहा।

स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ा देशभक्ति का माहौल
15 अगस्त को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इससे पहले देशभर में अलग-अलग जगहों पर तिरंगा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। लखनऊ की तिरंगा यात्रा भी इसी कड़ी का हिस्सा रही। स्वतंत्रता दिवस भारतीय लोकतंत्र और स्वतंत्रता संघर्ष की ऐतिहासिक यात्रा को याद करने का अवसर है। इस दिन देश उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। तिरंगा इसी संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता है।

CM योगी के बयान पर चर्चा तेज
लखनऊ की तिरंगा यात्रा के दौरान सीएम योगी के ‘राष्ट्र प्रतीकों का अपमान अब नहीं चलेगा’ वाले बयान ने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर बहस को तेज कर दिया है। समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए। वहीं, लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस विषय पर चर्चा करते समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के दायरे को भी ध्यान में रखना जरूरी है। राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर भारतीय कानून में भी प्रावधान मौजूद हैं। ऐसे में किसी भी मामले में कार्रवाई संबंधित कानून और परिस्थितियों के आधार पर होती है। इस विषय पर आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आपकी राय क्या है?
लखनऊ में तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र प्रतीकों के सम्मान को लेकर सख्त संदेश दिया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले निकली इस यात्रा ने देशभक्ति के माहौल को और मजबूत किया है।
अब सवाल यह है कि ‘राष्ट्र प्रतीकों का अपमान अब नहीं चलेगा’ वाले सीएम योगी के बयान को आप किस नजरिए से देखते हैं? क्या राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



