By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची एक महिला कांवरिया अचानक चक्कर आने के बाद बेसुध हो गई। महिला की हालत बिगड़ने पर वहां मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मदद की और उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। महिला कांवरिया की अचानक तबीयत बिगड़ने से उसके साथ आए परिजन और अन्य श्रद्धालु भी परेशान हो गए। बताया जा रहा है कि महिला ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। पूजा के बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और उसे चक्कर आने लगा। कुछ ही देर में वह बेसुध होकर गिर पड़ी।

पूजा के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर से बाहर निकल रही थी या आसपास मौजूद थी, तभी उसे अचानक चक्कर आया। वहां मौजूद लोगों ने महिला को संभालने की कोशिश की और तुरंत इसकी सूचना संबंधित सुरक्षाकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई। श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास स्वास्थ्य सुविधाओं, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की व्यवस्था की जाती है। महिला की हालत गंभीर देखते हुए उसे तत्काल प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की गई। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने महिला की जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

महिला कांवरिया की पहचान और मौत के कारण की जांच
महिला श्रद्धालु की पहचान और उसके गृह जिले की जानकारी प्रशासन व पुलिस द्वारा जुटाई जा रही है। मौत का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। प्राथमिक तौर पर बताया जा रहा है कि महिला को चक्कर आने के बाद अचानक उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। हालांकि मौत का कारण क्या रहा, इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस और प्रशासन अपने स्तर से मामले की जांच कर रहे हैं।

श्रावणी मेले के दौरान लगातार पैदल यात्रा, लंबी कतार में खड़े रहने, थकान, गर्मी, उमस और स्वास्थ्य संबंधी अन्य कारणों से कई श्रद्धालुओं की तबीयत खराब होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील करता है कि यदि किसी को कमजोरी, चक्कर या सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप या स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें।
बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
राजकीय श्रावणी मेले के दौरान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जाता है। मंदिर परिसर, क्यू कॉम्प्लेक्स और कांवरिया पथ पर मेडिकल टीमों की तैनाती की जाती है ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सके। महिला कांवरिया की मौत की घटना ने एक बार फिर श्रावणी मेले के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीने, कमजोरी महसूस होने पर आराम करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।मंदिर परिसर में भीड़ के कारण किसी भी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों, पुलिसकर्मियों या मेडिकल टीम को सूचना देने की अपील की जाती है।

परिजनों में मचा कोहराम
महिला की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। प्रशासन की ओर से आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे अन्य श्रद्धालुओं में भी शोक का माहौल है। सावन के पवित्र महीने में बाबा के दर्शन और जलार्पण की आस्था के साथ पहुंची महिला कांवरिया की अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं। महिला की मौत का स्पष्ट कारण आधिकारिक जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद सामने आएगा।
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने के साथ-साथ मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की व्यवस्था को भी मजबूत करने में जुटा है।



