By: Mala Mandal
पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित चर्चित सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने के लिए राज्य सरकार से 5 जुलाई तक का अतिरिक्त समय मांगा है। सरकार की ओर से 29 जून तक बंगला खाली करने की अंतिम समय सीमा तय की गई थी, लेकिन अब सामानों की सरकारी इन्वेंट्री के मिलान को लेकर उत्पन्न विवाद के कारण उन्होंने समय बढ़ाने का अनुरोध किया है।

सूत्रों के अनुसार बंगले से घरेलू सामान और निजी वस्तुओं को हटाने का काम लगातार जारी है। हालांकि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज फर्नीचर, उपकरण और अन्य सामान के सत्यापन में देरी होने के कारण आवास का औपचारिक हस्तांतरण फिलहाल अटक गया है।
5 जुलाई तक समय बढ़ाने की मांग
राबड़ी देवी के निजी सचिव की ओर से भवन निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर 5 जुलाई तक का समय मांगा गया है। पत्र में कहा गया है कि लगभग दो दशक पहले आवंटित सरकारी सामानों की सूची का मिलान अभी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में बिना सत्यापन के आवास खाली करना भविष्य में विवाद का कारण बन सकता है। बताया जा रहा है कि विभाग के पास उपलब्ध रिकॉर्ड और वर्तमान में मौजूद सामान का मिलान करने में समय लग रहा है। इसी वजह से अतिरिक्त समय की मांग की गई है।

29 जून थी अंतिम डेडलाइन
भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को अंतिम नोटिस जारी करते हुए राबड़ी देवी को 29 जून तक बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। इससे पहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। विभाग ने स्पष्ट किया था कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास खाली नहीं करने पर बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास पहले ही आवंटित कर दिया है। इसके बावजूद 10 सर्कुलर रोड का कब्जा अभी तक पूरी तरह सरकार को नहीं सौंपा जा सका है।

इन्वेंट्री विवाद से रुका हस्तांतरण
पूरा मामला सरकारी इन्वेंट्री को लेकर अटक गया है। बताया जा रहा है कि बंगले के साथ वर्षों पहले जो सरकारी फर्नीचर और अन्य सामान उपलब्ध कराया गया था, उसका आधिकारिक रिकॉर्ड और मौजूदा सामान का मिलान किया जा रहा है। राबड़ी देवी पक्ष का कहना है कि बिना सही सत्यापन के बंगला खाली करने से भविष्य में अनावश्यक विवाद खड़ा हो सकता है। इसलिए पहले रिकॉर्ड का मिलान पूरा होना जरूरी है।

लगातार चल रही है शिफ्टिंग
रविवार देर शाम से ही बंगले से सामान हटाने का काम तेज कर दिया गया है। कई वाहन और कर्मचारी लगातार घरेलू सामान को दूसरे स्थान पर पहुंचा रहे हैं। परिवार के अधिकांश निजी सामान को पटना के कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। इसी बीच आवास परिसर से सीसीटीवी कैमरे भी हटाए जा चुके हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि शिफ्टिंग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

नए आवंटी को मिलना है कब्जा
बिहार सरकार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी बंगले का आवंटन पहले ही मंत्री नंद किशोर राम के नाम कर दिया है। ऐसे में सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द आवास खाली कराकर नए आवंटी को कब्जा सौंप दिया जाए। हालांकि इन्वेंट्री विवाद के कारण फिलहाल प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अब सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

राजनीतिक महत्व भी रखती है तारीख
राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि 5 जुलाई राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का स्थापना दिवस है। ऐसे में इस तारीख तक समय मांगने को कई लोग राजनीतिक प्रतीकवाद से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर राबड़ी देवी पक्ष ने अतिरिक्त समय मांगने की वजह केवल इन्वेंट्री सत्यापन को बताया है।

आगे क्या होगा?
यदि भवन निर्माण विभाग 5 जुलाई तक का समय देने पर सहमत होता है तो इस अवधि में सामानों का मिलान और शिफ्टिंग का कार्य पूरा किया जाएगा। वहीं यदि समय बढ़ाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता है तो सरकार कानूनी कार्रवाई का विकल्प अपना सकती है।
फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया और सरकारी रिकॉर्ड के सत्यापन पर निर्भर है। आने वाले दिनों में सरकार के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 10 सर्कुलर रोड का औपचारिक कब्जा कब नए आवंटी को सौंपा जाएगा।


