By: Mala Mandal
पटना। बिहार की राजनीति में छात्र आंदोलन को लेकर सियासी माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो पूरे बिहार में बड़े स्तर पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पूरी तरह अनुचित है और सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने 24 घंटे के भीतर सभी छात्रों को रिहा नहीं किया तो राजद पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन करेगा और सड़क से लेकर सदन तक सरकार का विरोध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बिहार के युवा रोजगार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय प्रशासन ने बल प्रयोग किया, जिससे युवाओं में भारी नाराजगी है। तेजस्वी यादव ने सरकार से अपील की कि वह टकराव का रास्ता छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाए और छात्रों की समस्याओं का समाधान करे।

राजद नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास करेगी तो विपक्ष उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य किसी राजनीतिक हित से बड़ा है और सरकार को इस विषय पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

बिहार में हाल के दिनों में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि सरकार छात्रों के साथ अन्याय कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस मुद्दे पर विधानसभा में भी तीखी बहस देखने को मिली थी।

तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि सरकार छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लेती और गिरफ्तार युवाओं को रिहा नहीं करती है तो आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी तैयार रहने की अपील की और कहा कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्र आंदोलन का मुद्दा बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दल लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में तेजस्वी यादव का 24 घंटे का अल्टीमेटम राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।
सरकार की ओर से फिलहाल इस अल्टीमेटम पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजरें अगले 24 घंटे पर टिकी हुई हैं। यदि सरकार छात्रों की रिहाई को लेकर कोई फैसला नहीं करती है तो विपक्ष के नेतृत्व में बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे बिहार की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों में नया मोड़ आ सकता है।

फिलहाल तेजस्वी यादव का यह अल्टीमेटम राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष की रणनीति तय करेगी कि यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा या फिर पूरे बिहार में बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा।

