By: Mala Mandal
रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई जबकि 34 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले में कई रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। धमाकों के बाद शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बचाव दलों ने घंटों तक मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान चलाया।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार हमला देर रात किया गया, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक हुए विस्फोटों से कई इलाकों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई और कई इमारतों में आग लग गई। दमकल विभाग और राहत एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रातभर कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। आसमान में ड्रोन और मिसाइलों की आवाजाही के बीच एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय रहा। हालांकि कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन कुछ अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे भारी नुकसान हुआ।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है। घायलों का इलाज राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यूक्रेनी प्रशासन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूस लगातार नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है। अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि यूक्रेन को और अधिक हवाई सुरक्षा प्रणाली तथा रक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं ताकि ऐसे हमलों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दूसरी ओर रूस की ओर से इस हमले को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। इससे पहले रूस कई बार दावा करता रहा है कि उसके सैन्य अभियान केवल रणनीतिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं। हालांकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस के हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हो रहे हैं और रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों की तीव्रता बढ़ी है। रूस और यूक्रेन लगातार एक-दूसरे के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं, जिससे संघर्ष और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ऐसे हालात में आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
कीव में हुए इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और एयर रेड सायरन बजने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना पर चिंता जताई जा रही है। कई देशों ने नागरिक इलाकों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में मानवीय संकट और गहरा सकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को दो वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब भी किसी स्थायी समाधान के संकेत नहीं मिल रहे हैं। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने दोनों देशों के नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जबकि हजारों लोगों की जान जा चुकी है।

फिलहाल कीव में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है क्योंकि कई इमारतों का मलबा अभी पूरी तरह नहीं हटाया जा सका है। अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

यह हमला एक बार फिर दिखाता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अभी समाप्त होने से काफी दूर है। लगातार बढ़ते सैन्य हमले न केवल दोनों देशों बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा क्या होगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

