By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Monsoon Health Tips: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह अपने साथ कई मौसमी बीमारियां भी लेकर आता है। इन्हीं में से एक है डायरिया (Diarrhea), जिसका खतरा मानसून के दौरान काफी बढ़ जाता है। इस मौसम में दूषित पानी, बासी भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ और बैक्टीरिया व वायरस तेजी से फैलते हैं, जिससे पेट संबंधी संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए, तो डायरिया जैसी समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि बरसात में डायरिया होने पर क्या खाना चाहिए, किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

बरसात में क्यों बढ़ जाता है डायरिया का खतरा?
मानसून के दौरान वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। यदि खाना या पानी दूषित हो जाए, तो यह सीधे पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा खुले में बिकने वाला भोजन, ठीक से न धुले फल और सब्जियां तथा असुरक्षित पानी डायरिया का प्रमुख कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।

डायरिया होने पर क्या खाएं?
डायरिया के दौरान शरीर से पानी और आवश्यक लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में सबसे पहले शरीर में पानी की कमी को पूरा करना जरूरी होता है।
ओआरएस (ORS) का घोल: डायरिया होने पर डॉक्टर सबसे पहले ओआरएस पीने की सलाह देते हैं। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने में मदद मिलती है।
सादा और हल्का भोजन: खिचड़ी, सादा चावल, दाल का पतला पानी, मूंग दाल, दलिया और नरम भोजन आसानी से पच जाते हैं और पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालते।

केला: केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह दस्त के दौरान काफी लाभदायक माना जाता है।
दही: यदि डॉक्टर ने मना न किया हो, तो ताजा दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
नारियल पानी: सीमित मात्रा में नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक हो सकता है।
उबला हुआ पानी: केवल उबला या सुरक्षित फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

किन चीजों से करें परहेज?
डायरिया के दौरान कुछ खाद्य पदार्थ आपकी परेशानी बढ़ा सकते हैं।
तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से बचें क्योंकि इससे पेट में जलन और परेशानी बढ़ सकती है।
खुले में बिकने वाले चाट, गोलगप्पे, कटे हुए फल और स्ट्रीट फूड का सेवन न करें।
कोल्ड ड्रिंक, अधिक मीठे पेय और अत्यधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें।
बासी भोजन या लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना बिल्कुल न खाएं।
अधपका मांस, मछली या अंडा खाने से भी बचना चाहिए।

डायरिया से बचने के आसान उपाय
बरसात के मौसम में खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
फल और सब्जियों को साफ पानी से धोकर ही खाएं।
हमेशा ताजा और घर का बना भोजन खाने की कोशिश करें।
बाहर का पानी पीने से बचें और हमेशा सुरक्षित या उबला हुआ पानी ही पिएं।
बच्चों को खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थ कम से कम खिलाएं।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि दस्त लगातार 24–48 घंटे से अधिक समय तक बना रहे, बार-बार उल्टी हो, तेज बुखार आए, मल में खून दिखाई दे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या पेशाब कम आने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है, इसलिए उनके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मानसून में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें
मानसून के दौरान साफ-सफाई, संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी का सेवन कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समय पर भोजन करना, पर्याप्त नींद लेना और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन भी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।

बरसात के मौसम में थोड़ी-सी सावधानी आपको डायरिया ही नहीं बल्कि कई अन्य संक्रमणों से भी सुरक्षित रख सकती है। यदि लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको डायरिया, तेज बुखार, डिहाइड्रेशन या अन्य गंभीर लक्षण हैं, तो तुरंत योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें।


