By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 12 July 2026: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह, खरीदारी या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त जानने की परंपरा रही है। आज 12 जुलाई 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि आज प्रदोष व्रत और रोहिणी व्रत का पावन संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार आज का दिन कई शुभ योगों से युक्त है। ऐसे में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल प्राप्त हो सकता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारी।
आज का पंचांग – 12 जुलाई 2026
दिन – रविवार
तिथि – कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
नक्षत्र – रोहिणी
योग – शुभ
करण – वणिज
सूर्योदय – प्रातः 5:20 बजे (स्थानानुसार समय में अंतर संभव)
सूर्यास्त – सायं 6:45 बजे (स्थानानुसार समय में अंतर संभव)
चंद्रमा – वृषभ राशि में

आज का विशेष धार्मिक महत्व
आज प्रदोष व्रत होने के कारण भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही रोहिणी व्रत का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से सुख, समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली प्राप्त होती है।

आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:58 बजे से 12:53 बजे तक
अमृत काल – प्रातः 8:15 बजे से 9:48 बजे तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 2:35 बजे से 3:30 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 6:32 बजे से 6:56 बजे तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:04 बजे से 12:46 बजे तक

आज का राहुकाल
रविवार को राहुकाल सायं 4:30 बजे से 6:00 बजे तक माना जाता है। इस दौरान किसी नए कार्य की शुरुआत, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

यमगण्ड काल
दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
गुलिक काल
दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक
आज किन कार्यों के लिए दिन शुभ रहेगा
आज धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, दान-पुण्य, आध्यात्मिक साधना, वाहन या संपत्ति संबंधी योजनाओं पर विचार, पारिवारिक चर्चा और नए कार्यों की रूपरेखा बनाने के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है। प्रदोष व्रत के कारण शिव पूजा का विशेष फल मिलने की संभावना है।

प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय
प्रदोष काल में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र का दान करें।

इन उपायों को करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों और पंचांगों के अनुसार समय एवं मुहूर्त में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।



