By: Mala Mandal
दुमका, 12 जुलाई। झारखंड के दुमका जिले से मानवता और रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सरैयाहाट थाना क्षेत्र के बेलूडीह गांव में एक पिता ने कथित रूप से अपनी ही 13 वर्षीय बेटी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जब गांव के एक बुजुर्ग बच्ची को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृत बच्ची की पहचान 13 वर्षीय पुड़की कुमारी के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की पहचान 68 वर्षीय सरजू मंडल के रूप में की गई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी पिता मनोज मंडल किसी बात को लेकर अपनी बेटी की बेरहमी से पिटाई कर रहा था। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर पास के खेत में काम कर रहे सरजू मंडल मौके पर पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपी ने अपना आपा खो दिया और बुजुर्ग पर भी हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उसने किसी की बात नहीं सुनी। गांव के लोगों ने किसी तरह दोनों घायलों को बचाने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल सरजू मंडल को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

घटना की सूचना मिलते ही सरैयाहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी मनोज मंडल को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर मामले की गहन जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या कोई अन्य कारण था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम से भी सहयोग लिया जा सकता है ताकि घटना के हर पहलू का खुलासा हो सके। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में सामाजिक हस्तक्षेप और परामर्श की व्यवस्था मजबूत हो तो कई निर्दोष जानें बचाई जा सकती हैं। ग्रामीणों ने मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा और त्वरित न्याय दिलाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सरजू मंडल गांव में एक सम्मानित व्यक्ति थे और हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते थे। बच्ची को बचाने की कोशिश में उन्होंने अपनी जान गंवा दी, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए प्रशासन से उनके परिवार को सहायता देने की मांग की है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुरूप धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ जारी है। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे दुमका जिले को झकझोर कर रख दिया है तथा लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।



