By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर झारखंड सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में रविवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने देवघर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सकों की तैनाती, दवा उपलब्धता और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।

श्रावणी मेला हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होता है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में कांवरिया बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की तैयारियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, दवा वितरण केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों का अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों से बातचीत कर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी श्रद्धालु को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने निरीक्षण के बाद कहा कि श्रावणी मेला झारखंड की पहचान है और इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
उन्होंने बताया कि सावन माह प्रारंभ होने से पूर्व विभागीय स्तर पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी कार्ययोजना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विभिन्न जिलों से आने वाले चिकित्सकों की तैनाती, अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता, दवा भंडारण, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों के रेफरल सिस्टम सहित सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और कांवरिया पथ पर त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष मेडिकल टीमों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिले और किसी भी स्थिति में आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मेला अवधि के दौरान अलर्ट मोड में कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि गर्मी, लंबी पैदल यात्रा और भीड़ के कारण कई श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देवघर सदर अस्पताल को मेला अवधि के दौरान पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा। गंभीर मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी, जबकि प्राथमिक उपचार केंद्रों को भी आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों का स्टॉक, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों की सुविधा और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था प्रशासन के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक होती है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार पहले से ही सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारी में जुटी हुई है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का यह औचक निरीक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का आकलन करने के साथ-साथ अधिकारियों को आवश्यक दिशा – निर्देश भी प्राप्त हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।


