By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को निर्बाध मोबाइल नेटवर्क और बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को देवघर समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने की की। बैठक में सरकारी और निजी टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मेला क्षेत्र में संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश से आने वाले शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण मोबाइल नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को कॉलिंग, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के उपयोग में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त ने सभी सरकारी एवं निजी टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि भीड़ बढ़ने के बावजूद नेटवर्क क्रैश, कॉल ड्रॉप या इंटरनेट की धीमी गति जैसी समस्याएं नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कंपनियां अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करें और अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएं।

बैठक के दौरान मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, कांवरिया पथ, मंदिर परिसर, शिवगंगा, प्रमुख पार्किंग स्थलों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अस्थायी मोबाइल टावर स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज कमजोर है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त टावर लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को हर स्थान पर बेहतर मोबाइल सेवा मिल सके।

इसके साथ ही सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने मौजूदा नेटवर्क की बैंडविड्थ और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि अत्यधिक भीड़ के दौरान डेटा उपयोग और कॉलिंग का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। इसे देखते हुए कंपनियां समय रहते नेटवर्क अपग्रेड करें ताकि किसी भी परिस्थिति में संचार व्यवस्था प्रभावित न हो।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मोबाइल नेटवर्क केवल श्रद्धालुओं की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस व्यवस्था, आपातकालीन सहायता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मजबूत संचार व्यवस्था से किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियां नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें और यदि किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में इस बात पर भी बल दिया गया कि मेला अवधि के दौरान नेटवर्क की लगातार निगरानी की जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त तकनीकी टीमों की तैनाती की जाए ताकि किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। साथ ही नेटवर्क संचालन केंद्रों को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए, जिससे किसी भी तकनीकी बाधा का तुरंत निवारण हो सके।

प्रशासन का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में मोबाइल नेटवर्क केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है। श्रद्धालु ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल मैप, होटल बुकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सहायता और अपने परिजनों से संपर्क बनाए रखने के लिए भी इंटरनेट पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में मजबूत मोबाइल नेटवर्क और तेज इंटरनेट सेवा सफल श्रावणी मेला संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बैठक में डीपीओ (यूआईडी) मुकेश कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी तथा एयरटेल, जियो, बीएसएनएल और वोडाफोन-आइडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी टेलीकॉम कंपनियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले आवश्यक तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी और श्रद्धालुओं को बेहतर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। बेहतर संचार व्यवस्था के इस प्रयास से उम्मीद है कि इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में निर्बाध मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बन सकेगी।
