By: Mala Mandal
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मामला केवल कुछ हजार रुपये की चोरी का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही एक संगठित साजिश का हिस्सा हो सकता है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले की शुरुआत किसी शिकायत या एफआईआर से नहीं हुई थी। बल्कि मंदिर परिसर के एक सुरक्षा गार्ड की ईमानदारी ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर के एक बाथरूम में गार्ड को करीब 40 हजार रुपये मिले। गार्ड ने उन पैसों को अपने पास रखने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया। इसके बाद अधिकारियों को संदेह हुआ कि इतनी बड़ी रकम बाथरूम तक कैसे पहुंची।


इसी संदेह के आधार पर मंदिर प्रशासन और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की गतिविधियों और चढ़ावे की गिनती से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ता गया और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। पुलिस को ऐसे सुराग मिले जिनसे पता चला कि चढ़ावे की रकम में लंबे समय से गड़बड़ी की जा रही थी।

पुलिस ने जांच के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंदिर परिसर में काम करने वाले कुछ कर्मचारी और अन्य संबंधित लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित चोरी का मास्टरमाइंड कौन है और इसमें कितने लोग शामिल थे।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि चढ़ावे की रकम में लंबे समय से हेराफेरी की जा रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक चोरी गई कुल रकम का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन जांच के दौरान करोड़ों रुपये के लेन-देन और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की टीम गिरफ्तार आरोपियों के घरों और अन्य ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां बैंक खातों, संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही हैं ताकि चोरी की रकम के इस्तेमाल का पता लगाया जा सके।

राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

मंदिर प्रशासन ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए चढ़ावे की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उस सुरक्षा गार्ड की रही, जिसने बाथरूम में मिले 40 हजार रुपये ईमानदारी के साथ अधिकारियों को सौंप दिए। यदि वह भी पैसों को नजरअंदाज कर देता या अपने पास रख लेता, तो संभव है कि यह पूरा मामला सामने ही नहीं आता। उसकी ईमानदारी ने एक बड़े कथित घोटाले का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया गया है कि मंदिर की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

