By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड की धार्मिक राजधानी देवघर को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। देवघर और गुवाहाटी के बीच इंडिगो एयरलाइंस की सीधी हवाई सेवा का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस नई उड़ान सेवा के शुरू होने से न केवल झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा, बल्कि श्रद्धालुओं, पर्यटकों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भी समय और यात्रा लागत के लिहाज से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल यह उड़ान सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को संचालित की जाएगी।

देवघर एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय के मुताबिक विमान गुवाहाटी से सुबह 9:25 बजे उड़ान भरकर 11:20 बजे देवघर एयरपोर्ट पहुंचेगा। वहीं वापसी में विमान 11:50 बजे देवघर से उड़ान भरकर दोपहर 1:35 बजे गुवाहाटी पहुंचेगा। इस सेवा के शुरू होने से लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी अब महज दो घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि पहले सड़क और रेल मार्ग से इस दूरी को तय करने में कई घंटे से लेकर एक दिन तक का समय लग जाता था।

इंडिगो एयरलाइंस ने इस नई सेवा का शुरुआती किराया 3649 रुपये निर्धारित किया है। हालांकि एयरलाइंस की डायनेमिक प्राइसिंग नीति के अनुसार टिकटों का किराया मांग और सीटों की उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर बढ़ या घट सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अग्रिम बुकिंग कर अपेक्षाकृत कम किराए का लाभ उठा सकते हैं।

नई उड़ान सेवा का सबसे बड़ा लाभ धार्मिक पर्यटन को मिलने की उम्मीद है। बाबा बैद्यनाथ धाम देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और सिक्किम सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा बेहद उपयोगी साबित होगी।
इसके अलावा, देवघर स्थित श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जी के सत्संग आश्रम से जुड़े लाखों अनुयायी पूर्वोत्तर भारत में निवास करते हैं। अब उनके लिए देवघर पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। धार्मिक आयोजनों, सत्संग कार्यक्रमों और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को इस सीधी उड़ान से काफी लाभ मिलेगा।

मंगलवार को गुवाहाटी से पहली उड़ान के देवघर एयरपोर्ट पहुंचने पर विमान का पारंपरिक वाटर सैल्यूट देकर भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट परिसर में इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन अधिकारियों ने इस उपलब्धि को देवघर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
इस अवसर पर देवघर एयरपोर्ट के डायरेक्टर जॉय बनर्जी ने कहा कि देवघर और गुवाहाटी के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे बाबा नगरी आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले दिन गुवाहाटी से देवघर आने वाले यात्रियों की संख्या 48 रही, जबकि देवघर से गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों की संख्या 40 दर्ज की गई। यह शुरुआती आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इस नई सेवा को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई उड़ान सेवा से देवघर के पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। बाबा बैद्यनाथ धाम, त्रिकूट पर्वत, तपोवन, नौलखा मंदिर, सत्संग आश्रम और अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
व्यापारिक दृष्टि से भी यह उड़ान सेवा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा निवेश की नई संभावनाएं विकसित होंगी। उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी तेज और सुविधाजनक हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा।

देवघर एयरपोर्ट से पहले दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची, हैदराबाद और बेंगलुरु सहित कई प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं। अब गुवाहाटी के जुड़ने से पूर्वोत्तर भारत के साथ भी देवघर की सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हो गई है। इससे देवघर की पहचान एक महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और क्षेत्रीय हवाई केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।

श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक अवसरों पर लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। ऐसे समय में यह नई हवाई सेवा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ राज्य सरकार की धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की नीति को भी मजबूती देगी। भविष्य में यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो इस उड़ान की आवृत्ति सप्ताह में दो दिन से बढ़ाकर अधिक दिनों तक किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

देवघर और गुवाहाटी के बीच सीधी उड़ान सेवा का शुभारंभ केवल एक नई एयर कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह सेवा क्षेत्रीय विकास, पर्यटन विस्तार और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

