By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए देवघर जिला प्रशासन लगातार नई और जनहितकारी पहल कर रहा है। इसी कड़ी में मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर संचालित ‘मातृत्व विश्राम गृह’ महिला कांवरियों, माताओं और उनके बच्चों के लिए राहत और सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां उपलब्ध सुविधाओं और महिला कर्मियों के सेवा भाव ने देशभर से आए श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया है।

श्रावणी मेले के दौरान हर दिन लाखों श्रद्धालु लंबी पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने देवघर पहुंचते हैं। इस दौरान सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना महिला कांवरियों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं को करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से मेला क्षेत्र के दस महत्वपूर्ण स्थलों पर आधुनिक मातृत्व विश्राम गृह स्थापित किए हैं।

इन विश्राम गृहों का उद्देश्य केवल आराम की सुविधा देना नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। यहां चौबीसों घंटे महिला सूचना सह सहायता कर्मी तैनात हैं, जो श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी देने के साथ-साथ हरसंभव सहयोग भी प्रदान कर रही हैं।
विश्राम गृहों में महिलाओं और बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां शिशुओं के लिए दूध, बिस्कुट, चॉकलेट और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था है। महिलाओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि छोटे बच्चों के लिए डायपर की भी सुविधा दी गई है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की व्यवस्था भी चौबीसों घंटे उपलब्ध है, जिससे यात्रा के दौरान होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।

लंबी पैदल यात्रा के कारण कई महिला श्रद्धालुओं के पैरों और शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे में यहां तैनात महिला कर्मियों ने केवल औपचारिक जिम्मेदारी निभाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सेवा भाव का परिचय देते हुए कई महिला कांवरियों के पैरों की मालिश कर उन्हें राहत पहुंचाई। इस आत्मीय व्यवहार ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया और उन्होंने जिला प्रशासन की इस पहल की खुलकर सराहना की।

बिहार के भागलपुर से आईं स्नेहा बम और कृति बम ने बताया कि सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद उनके पैरों और शरीर में असहनीय दर्द हो रहा था। मातृत्व विश्राम गृह पहुंचने पर वहां मौजूद महिला कर्मियों ने उनका उपचार किया और आत्मीयता के साथ सहयोग किया। उन्होंने कहा कि यह सेवा जीवनभर याद रहेगी और उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार के सदस्य उनकी देखभाल कर रहे हों।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आईं सुष्मिता हलदर, पूजा बनर्जी और ऐश्वर्या हलदर ने कहा कि मेला क्षेत्र में महिलाओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड तथा बच्चों के लिए डायपर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच भी महिलाओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखना अत्यंत सराहनीय पहल है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ से आईं निकिता बम और मंजू बम ने भी जिला प्रशासन और महिला कर्मियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारी भीड़ के बावजूद सभी कर्मी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उनके पैरों में तेज दर्द था, लेकिन विश्राम गृह में मौजूद महिला कर्मियों ने स्वयं उनके पैरों की मालिश कर दर्द कम करने का प्रयास किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने यात्रा की सारी थकान दूर कर दी और यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय बन गया।

श्रावणी मेले में संचालित मातृत्व विश्राम गृह केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि महिला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर सामने आया है। यहां महिलाओं को अपने बच्चों की देखभाल के लिए एकांत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के विश्राम कर सकें।

देवघर जिला प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का महापर्व है। ऐसे में प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मातृत्व विश्राम गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहां सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता तीनों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

महिला श्रद्धालुओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन की यह पहल न केवल सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में अपनापन और विश्वास भी मजबूत कर रही है। सेवा भाव से परिपूर्ण यह व्यवस्था राजकीय श्रावणी मेला 2026 की सबसे मानवीय और प्रेरणादायक पहलों में से एक बनकर उभरी है।

