By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बुधवार का दिन राहत और खुशी लेकर आया। सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत करीब साढ़े चार सौ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के चार-पांच महीने से लंबित पारिश्रमिक का भुगतान किए जाने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जताई। कर्मचारियों ने इस मामले में त्वरित पहल करने वाले झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के देवघर जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र एवं संयुक्त सचिव संजीव कुमार मिश्र को सम्मानित किया। कर्मचारियों के अनुसार, सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों का पिछले चार-पांच महीने का पारिश्रमिक लंबित था। कर्मचारियों का कहना था कि भुगतान के लिए राशि उपलब्ध रहने के बावजूद लंबे समय से उनके खातों में वेतन की राशि नहीं पहुंच रही थी। लगातार वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ती जा रही थीं।

कर्मचारियों ने संघ के समक्ष रखी समस्या
लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से परेशान जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र से मिले और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। कर्मचारियों ने बताया कि कई महीनों से पारिश्रमिक लंबित रहने के कारण परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में परेशानी हो रही है। कर्मचारियों की समस्या सुनने के बाद संघ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष मुद्दा उठाने का निर्णय लिया। संघ की ओर से कर्मचारियों के लंबित पारिश्रमिक का भुगतान कराने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

18 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 सितंबर 2026 को संघ की ओर से सिविल सर्जन, देवघर के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने लंबित पारिश्रमिक का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ के प्रतिनिधियों और सिविल सर्जन के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद उसी दिन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए आवंटित राशि कोषागार के माध्यम से संबंधित कंपनी को भुगतान किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कर्मचारियों को उम्मीद जगी कि जल्द ही उनके खाते में लंबित पारिश्रमिक की राशि पहुंच जाएगी।

23 सितंबर तक भुगतान नहीं होने पर घेराव की दी थी चेतावनी
आवंटन की राशि कंपनी को भुगतान किए जाने के बाद भी कर्मचारियों के खाते में बकाया पारिश्रमिक पहुंचने की प्रक्रिया को लेकर संघ ने कंपनी को पत्र लिखा। संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कंपनी को स्पष्ट रूप से कहा कि 23 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 10:30 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लंबित पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संघ की ओर से यह भी चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय तक सभी कर्मचारियों के बकाया पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया, तो दोपहर 12 बजे कंपनी के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। साथ ही पूरा भुगतान होने तक घेराव जारी रखने की बात कही गई।

समय सीमा से पहले अधिकांश कर्मचारियों के खाते में पहुंची राशि
संघ की चेतावनी के बाद भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई। 23 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे तक जिले के अधिकतर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के खातों में चार-पांच महीने की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया। लंबे समय से लंबित पारिश्रमिक मिलने के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने इसके बाद संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र और संयुक्त सचिव संजीव कुमार मिश्र के प्रति आभार जताया। कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने अपनी समस्या संघ के समक्ष रखी थी और संघ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही दिनों में लंबित भुगतान का रास्ता साफ हुआ।

छह दिन में समस्या का समाधान होने से कर्मचारियों में खुशी
कर्मचारियों के अनुसार, संघ के जिलाध्यक्ष के समक्ष समस्या रखने के महज छह दिनों के भीतर जिलेभर के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कई महीनों से लंबित पारिश्रमिक का भुगतान होना राहत की बात है। कर्मचारियों ने इस पहल का श्रेय संघ को देते हुए जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र को सम्मानित किया। सम्मान कार्यक्रम में सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत दर्जनों आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से वेतन लंबित होने के कारण वे आर्थिक परेशानी से गुजर रहे थे। बकाया राशि मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।

न्यूनतम पारिश्रमिक के अनुसार भुगतान सुनिश्चित कराने की बात
इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि फिलहाल कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान हुआ है, लेकिन संघ की लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम पारिश्रमिक की दर के अनुसार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए भी संघ प्रयास करेगा।

उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनके जायज अधिकारों और समस्याओं को लेकर संघ आगे भी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसी के समक्ष आवाज उठाता रहेगा। साथ ही उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करने की अपील की। मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियां भी महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं आम लोगों से सीधे जुड़ी हुई हैं, इसलिए सभी कर्मचारी पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कार्य का निर्वहन करें।

बकाया पारिश्रमिक मिलने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच भुगतान को लेकर खुशी देखी गई। कर्मचारियों ने संघ के पदाधिकारियों का आभार जताते हुए भविष्य में भी कर्मचारियों की समस्याओं को इसी तरह मजबूती से उठाने की उम्मीद जताई।

