By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण और बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। इस वर्ष मेले की निगरानी पहले से कहीं अधिक हाईटेक बनाई गई है। नेहरू पार्क स्थित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष (IMCR) को आधुनिक डिजिटल तकनीकों से लैस कर पूरे मेला क्षेत्र की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। यहां से प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।

श्रावणी मेले में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के सुरक्षित संचालन के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फेस रिकॉगनिशन तकनीक, हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे और ड्रोन कैमरों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मेला क्षेत्र के हर हिस्से की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
AI कैमरों से भीड़ प्रबंधन हुआ आसान
मेला क्षेत्र में लगाए गए AI आधारित कैमरे केवल वीडियो रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भीड़ के घनत्व, लोगों की आवाजाही और किसी भी असामान्य गतिविधि का स्वतः विश्लेषण करने में सक्षम हैं। यदि किसी स्थान पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ता है या किसी तरह की अव्यवस्था की आशंका बनती है, तो इसकी सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष में मौजूद अधिकारियों तक पहुंच जाती है। इससे प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

फेस रिकॉगनिशन तकनीक से सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत
श्रावणी मेले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए फेस रिकॉगनिशन कैमरों का भी उपयोग किया जा रहा है। इन कैमरों के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इससे असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखी जा रही है तथा किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को कम किया जा रहा है।

CCTV और ड्रोन कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग
मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, मंदिर परिसर, कतारबद्ध मार्ग, शिवगंगा, पार्किंग स्थल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के माध्यम से ऊंचाई से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। नियंत्रण कक्ष में लगी विशाल डिजिटल स्क्रीन पर सभी कैमरों की लाइव फीड लगातार दिखाई देती रहती है। इससे अधिकारी हर गतिविधि पर नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय ले रहे हैं।

24×7 तीन पालियों में तैनात हैं अधिकारी और कर्मी
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMCR कंट्रोल रूम में चौबीसों घंटे अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। तीन अलग-अलग पालियों में दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा अन्य कर्मी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी भी समय यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

अंतर्विभागीय समन्वय से मिल रहा त्वरित समाधान
नेहरू पार्क स्थित एकीकृत मेला नियंत्रण कक्ष केवल सुरक्षा निगरानी तक सीमित नहीं है। यहां स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, परिवहन, नागरिक उड्डयन सहित मेले से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। सभी विभाग डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से अपने-अपने कार्यों की निगरानी करते हैं। यदि किसी श्रद्धालु को चिकित्सा सहायता, पेयजल, बिजली, सफाई या अन्य किसी सुविधा से संबंधित समस्या होती है, तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचना देकर उसका समाधान कराया जाता है। इस अंतर्विभागीय समन्वय के कारण समस्याओं का त्वरित निराकरण संभव हो पा रहा है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण मिले। आधुनिक तकनीक के उपयोग से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि भीड़ प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

प्रशासन का मानना है कि AI आधारित निगरानी, फेस रिकॉगनिशन सिस्टम, CCTV नेटवर्क, ड्रोन सर्विलांस और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के कारण इस वर्ष श्रावणी मेले का संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक सतर्कता के इस समन्वय से बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों शिवभक्तों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है


