By: Mala Mandal
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक टकराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है। भाजपा ने आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में राज्यव्यापी बंद का फैसला लिया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों की मांगों को सुनने और उनके साथ संवाद करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। भाजपा के इस ऐलान के बाद झारखंड की राजनीति में एक बार फिर JPSC-JSSC विवाद केंद्र में आ गया है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का निष्पक्ष समाधान किया जाना चाहिए।

विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का आरोप
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी और पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई। भाजपा का आरोप है कि छात्रों पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया। भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।

बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ बर्बरता की गई। भाजपा का कहना है कि राज्य के युवा लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

मरांडी ने इस पूरे मामले की जांच की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के मन में संदेह है तो सरकार को उसे दूर करने के लिए पारदर्शी जांच का रास्ता अपनाना चाहिए।
11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का ऐलान
भाजपा ने छात्रों के समर्थन में 11 अगस्त को झारखंड बंद बुलाने का निर्णय लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार बंद का उद्देश्य छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और सरकार पर दबाव बनाना है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा ने बंद के दौरान राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। इस बंद का असर बाजार, यातायात और दूसरे सार्वजनिक गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है। हालांकि बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन की तैयारियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

JPSC-JSSC विवाद बना बड़ा मुद्दा
झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए JPSC और JSSC की परीक्षाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर छात्रों के बीच लंबे समय से असंतोष है। छात्र संगठनों की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जैसी मांगें उठाई जाती रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता गया है। अब भाजपा के सीधे समर्थन में आने के बाद यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। विपक्षी दल इसे सरकार की कार्यशैली और युवाओं के प्रति उसके रवैये से जोड़कर देख रहे हैं।

CBI जांच की मांग भी तेज
भाजपा नेताओं ने परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि यदि छात्रों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो सरकार को जांच एजेंसी के माध्यम से मामले की तह तक जाना चाहिए। कुछ भाजपा नेताओं ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग भी उठाई है। उनका तर्क है कि निष्पक्ष जांच से ही छात्रों के बीच पैदा हुए अविश्वास को दूर किया जा सकता है।

सरकार पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
11 अगस्त का झारखंड बंद सरकार के लिए राजनीतिक तौर पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार छात्रों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की दिशा में क्या कदम उठाती है। फिलहाल JPSC-JSSC विवाद और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड की सियासत गरम है।

छात्रों के मुद्दे पर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
झारखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं को लेकर युवाओं की चिंता अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन चुकी है। भाजपा का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वहीं आंदोलन के आगे बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।

कुल मिलाकर, 11 अगस्त का झारखंड बंद JPSC-JSSC छात्र आंदोलन का एक अहम राजनीतिक पड़ाव माना जा रहा है। छात्रों के समर्थन में भाजपा के सड़क पर उतरने और सरकार के खिलाफ विरोध तेज करने से आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ने के संकेत हैं।


