By: Vikash Kumar (Vicky)
झारखंड में छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक हो गई है। लंबे समय से भोजन त्यागने की वजह से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो गई है, जिससे उनका ब्लड प्रेशर भी लगातार गिर रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

देवेंद्र नाथ महतो झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। वहीं, प्रशासन की ओर से भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

अनशन से बिगड़ी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत
जानकारी के अनुसार, लगातार अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो के शरीर में कमजोरी बढ़ गई है। कई दिनों तक भोजन नहीं लेने की वजह से शरीर में ऊर्जा की कमी हो गई है। डिहाइड्रेशन के कारण उनका बीपी कम हो रहा है, जिससे डॉक्टरों ने चिंता जताई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक उपवास या अनशन करने से शरीर में ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट का स्तर प्रभावित होता है। इससे कमजोरी, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

छात्रों की मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
देवेंद्र नाथ महतो लंबे समय से झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि कथित परीक्षा विवादों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
समर्थकों में बढ़ी चिंता
देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती तबीयत की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और छात्र समुदाय में चिंता बढ़ गई है। कई छात्र नेताओं ने सरकार से अपील की है कि मामले का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि आंदोलनकारी नेता का स्वास्थ्य और खराब न हो।

सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से करना चाहिए।
प्रशासन की नजर आंदोलन पर
छात्र आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

वहीं, आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक अनशन करने से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है। खासकर ब्लड प्रेशर का लगातार कम होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में मरीज की नियमित जांच और आवश्यक चिकित्सा सहायता बेहद जरूरी होती है।

देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। उनकी हालत में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
झारखंड में छात्र आंदोलन ने पकड़ा जोर

झारखंड में पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है। युवा लगातार पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समय पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

देवेंद्र नाथ महतो का आंदोलन इसी बड़े छात्र आंदोलन का हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हुई है।
देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति ने झारखंड छात्र आंदोलन को और गंभीर बना दिया है। डिहाइड्रेशन के कारण गिर रहे बीपी को लेकर चिकित्सक चिंतित हैं। वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
