By: Mala Mandal
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में अभ्यर्थियों को एक बार फिर राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा परीक्षा रद्द करने के फैसले पर लगाई गई रोक को बरकरार रखा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के बीच उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही मामले का अंतिम समाधान निकल सकता है।

JPSC परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले को लेकर कई अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल सभी अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखे बिना परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हुई और अदालत ने सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस रोक को आगे भी जारी रखने का आदेश दिया है। अदालत के इस निर्णय से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो परीक्षा परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम फैसला आने तक स्थिति यथावत बनी रहेगी।

परीक्षा रद्द करने के फैसले पर उठे थे सवाल
JPSC परीक्षा को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया था, जब राज्य सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं का हवाला देते हुए इसे रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस कदम के बाद चयनित और परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी देखने को मिली थी। अभ्यर्थियों का तर्क था कि यदि कुछ स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सभी अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करना उचित नहीं है। इसी आधार पर कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट में चल रही है सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुन रहा है। अदालत ने सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा है। सुनवाई के दौरान परीक्षा प्रक्रिया, जांच रिपोर्ट और सरकार के निर्णय से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। अदालत का अंतरिम आदेश फिलहाल अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है। हालांकि, अंतिम निर्णय हाईकोर्ट की विस्तृत सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

अभ्यर्थियों में बढ़ी उम्मीद
हाईकोर्ट के आदेश के बाद JPSC अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। कई उम्मीदवारों का कहना है कि वे लंबे समय से इस परीक्षा के जरिए अपने भविष्य को सुरक्षित करने का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि अदालत निष्पक्ष फैसला देगी और योग्य उम्मीदवारों के हितों की रक्षा होगी। वहीं, सरकार की ओर से भी अदालत में अपना पक्ष रखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अब सभी की नजरें 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस सुनवाई में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर आगे की दिशा तय हो सकती है। हाईकोर्ट के अंतिम फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि JPSC परीक्षा प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
फिलहाल हाईकोर्ट की रोक बरकरार रहने से अभ्यर्थियों को राहत मिली है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।



