By: Mala Mandal
रांची: झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। विधानसभा सचिवालय को एक संदिग्ध ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें विधानसभा भवन को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी। ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। धमकी भरा संदेश मिलने के बाद विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान करने में जुटी हुई हैं। शुरुआती जांच में ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि धमकी वास्तविक है या किसी की शरारत।

ई-मेल मिलने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
सूचना मिलते ही झारखंड विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा भवन के आसपास आने-जाने वाले लोगों की जांच बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन को धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

साइबर टीम कर रही ई-मेल की जांच
धमकी भरे ई-मेल की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ई-मेल कहां से भेजा गया, किस डिवाइस का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है। साइबर जांच के जरिए ई-मेल की तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही हैं।

विधानसभा की सुरक्षा पहले से है कड़ी
झारखंड विधानसभा राज्य के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है। यहां मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और कई वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से पहुंचते हैं। ऐसे में विधानसभा को मिली धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीर चुनौती के रूप में देख रही हैं। विधानसभा परिसर में पहले से ही सुरक्षा के कई स्तर मौजूद हैं, लेकिन धमकी के बाद सुरक्षा इंतजामों की दोबारा समीक्षा की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर जांच प्रक्रिया को और सख्त किया गया है।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं।

धमकी देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अगर जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर डर फैलाने के उद्देश्य से यह धमकी दी है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या इस धमकी का कोई संबंध किसी बड़ी साजिश से है या यह केवल डर पैदा करने का प्रयास है।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर पूरे मामले पर
झारखंड विधानसभा को मिली धमकी के बाद राज्य पुलिस, साइबर सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। अधिकारियों की नजर जांच की हर गतिविधि पर बनी हुई है।फिलहाल सबसे बड़ा लक्ष्य धमकी भेजने वाले की पहचान करना और विधानसभा की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करना है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं और ई-मेल भेजने वाले तक पहुंचने का प्रयास जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

