By: Mala Mandal
रांची: झारखंड में सरकारी नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। कोर्ट के इस आदेश के बाद हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नियुक्ति और भविष्य पर संकट मंडरा रहा था।

JSSC-CGL, CDPO और FSO जैसी परीक्षाओं पर असर
राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को देखते हुए कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) समेत कई अन्य परीक्षाएं शामिल थीं। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अभ्यर्थियों ने दी थी रद्द करने के फैसले को चुनौती
रद्द की गई परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों का कहना था कि कुछ लोगों की गड़बड़ी के कारण सभी चयनित उम्मीदवारों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के फैसले को चुनौती दी और नियुक्ति प्रक्रिया को जारी रखने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब भी मांगा है। इस मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी।

सरकार ने क्यों लिया था परीक्षा रद्द करने का फैसला?
दरअसल, झारखंड में कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे थे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने कई परीक्षाओं की समीक्षा करते हुए कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और कुछ मामलों की जांच कराने का फैसला किया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, दूसरी ओर चयनित उम्मीदवारों का तर्क था कि जांच के नाम पर उनकी मेहनत और नौकरी को खत्म करना उचित नहीं है।

चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
हाईकोर्ट के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है। उम्मीदवारों का कहना है कि कोर्ट के आदेश से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने मेहनत और नियमों के अनुसार परीक्षा पास की है, इसलिए उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सभी सफल उम्मीदवारों का भविष्य खतरे में डालना सही नहीं है।

आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब इस मामले की आगे की सुनवाई होगी। कोर्ट के अंतिम फैसले पर ही यह तय होगा कि रद्द की गई परीक्षाओं और नियुक्तियों का भविष्य क्या होगा। फिलहाल JSSC-CGL, CDPO, FSO समेत प्रभावित परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को राहत मिली है। हालांकि, मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और सभी की नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर यह मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है। एक तरफ छात्र पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले ने फिलहाल दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।


