By: Vikash Kumar Raut ((Vicky)
Aaj Ka Panchang 02 September 2026: आज बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन हल षष्ठी या हरछठ का व्रत भी रखा जाता है। संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से माताएं इस दिन व्रत और पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार हल षष्ठी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी से भी माना जाता है। आज के पंचांग में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, भरणी नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है। ध्रुव योग को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में पूजा-पाठ, आध्यात्मिक गतिविधियों और महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय आज के पंचांग को ध्यान में रखना शुभ माना जाता है।

आज का दिन क्यों है खास?
2 सितंबर को हल षष्ठी, हरछठ या हलछठ के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना से व्रत रखती हैं। कई क्षेत्रों में इस दिन विशेष पूजा की जाती है और व्रत के दौरान हल से जोती गई भूमि से उत्पन्न अनाज के सेवन से परहेज करने की परंपरा है। क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा-विधि और व्रत के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

2 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: बुधवार
तिथि: भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, षष्ठी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
नक्षत्र: भरणी, इसके बाद कृत्तिका
योग: ध्रुव, इसके बाद व्याघात
करण: गरज, इसके बाद वणिज
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: सिंह
विक्रम संवत: 2083
व्रत/पर्व: हल षष्ठी, हरछठ, हलछठ

भाद्रपद कृष्ण षष्ठी तिथि
आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार षष्ठी तिथि 3 सितंबर की सुबह तक रहने का उल्लेख है। हालांकि अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय गणना के कारण समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
आज का नक्षत्र
आज भरणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा और बाद में कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में भरणी नक्षत्र को दृढ़ता, जिम्मेदारी और कर्म से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए आज अपने जरूरी कामों को अनुशासन और धैर्य के साथ पूरा करना बेहतर रहेगा।

आज का योग
2 सितंबर को ध्रुव योग बन रहा है। पंचांग के अनुसार ध्रुव योग रात तक रहने के बाद व्याघात योग शुरू होगा। ध्रुव योग को स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए धार्मिक कार्यों और लंबे समय तक चलने वाली योजनाओं के लिए इसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का राहुकाल
राहुकाल में शुभ और नए कार्यों की शुरुआत करने से परहेज करने की धार्मिक मान्यता है। 2 सितंबर को राहुकाल दोपहर के आसपास रहेगा। दिल्ली के पंचांग के अनुसार राहुकाल लगभग 12:22 PM से 1:57 PM तक बताया गया है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के अंतर के कारण राहुकाल का समय बदल सकता है।
इसलिए किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार राहुकाल जरूर जांच लें।

आज का शुभ मुहूर्त
2 सितंबर को शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास पड़ता है। दिल्ली की गणना के अनुसार लगभग 11:58 AM से 12:46 PM तक का समय शुभ बताया गया है। हालांकि मुहूर्त स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन या अन्य बड़े धार्मिक कार्यों के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 2 सितंबर को सूर्योदय लगभग 5:59 AM और सूर्यास्त लगभग 6:42 PM के आसपास है। अलग-अलग शहरों में इन समयों में अंतर रहेगा।

चंद्रोदय और चंद्रास्त
आज चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। चंद्रमा के उदय और अस्त का समय भी स्थान के अनुसार अलग होता है। उपलब्ध पंचांग गणना में चंद्रोदय रात के समय बताया गया है।
आज का दिशाशूल
बुधवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि बुधवार को उत्तर दिशा की ओर यात्रा करना आवश्यक हो, तो कुछ लोग यात्रा से पहले शुभ उपाय करके निकलते हैं। हालांकि दिशाशूल संबंधी मान्यताएं क्षेत्र और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

बुधवार को कौन-सी पूजा करें?
बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। आज सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक या लड्डू अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद गणेश मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
हल षष्ठी के दिन संतान के लिए क्या करें?
हल षष्ठी के दिन संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से व्रत रखने की परंपरा है। माताएं श्रद्धापूर्वक पूजा करती हैं और परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करती हैं। कई जगह इस दिन हल से जोती गई भूमि से उत्पन्न अनाज का सेवन नहीं किया जाता। व्रत रखने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति और परिवार की परंपरा के अनुसार नियम तय करना उचित है।

आज का धार्मिक उपाय
बुधवार को भगवान गणेश का ध्यान करें। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। संतान की सुख-समृद्धि के लिए माता-पिता श्रद्धापूर्वक भगवान का स्मरण कर सकते हैं।
आज का पंचांग एक नजर में
2 सितंबर 2026 को बुधवार है और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। भरणी नक्षत्र और ध्रुव योग आज के पंचांग की प्रमुख विशेषताएं हैं। साथ ही हल षष्ठी और हरछठ के कारण धार्मिक दृष्टि से भी दिन महत्वपूर्ण है। राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है, जबकि शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
ध्यान रखें कि पंचांग के सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य समय स्थान के अनुसार बदलते हैं। इसलिए किसी बड़े शुभ कार्य के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक पंचांग गणनाओं और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और पंचांगों में समय या पूजा-विधि में अंतर हो सकता है। इसे धार्मिक आस्था और सामान्य जानकारी के रूप में लें। Newsbag किसी भी मान्यता या उपाय की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता।

