By: Mala Mandal
Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार झारखंड में 5 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार सुबह तक राज्य के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। वहीं 4 जिलों के लिए बहुत भारी बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट और 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

झारखंड में 5 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश होने का सिलसिला जारी रह सकता है। बुधवार को विशेष रूप से झारखंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। गुरुवार और शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में मौसम का यह बदलाव लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों और यातायात को भी प्रभावित कर सकता है।

10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
IMD ने झारखंड के 10 जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है। इनमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा शामिल हैं। फ्लैश फ्लड की स्थिति में कम समय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। खासकर नदियों, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले कुछ दिनों से झारखंड के कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। सोमवार से मंगलवार तक पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में सबसे ज्यादा 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिलीमीटर और लातेहार के महुआडांड़ में 146.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इतनी अधिक बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।

4 जिलों में रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह तक झारखंड के चार जिलों में बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें गढ़वा, पलामू, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। रेड अलर्ट का मतलब है कि मौसम बेहद खराब हो सकता है और भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और अनावश्यक यात्रा से बचना महत्वपूर्ण हो जाता है।
5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। ऑरेंज अलर्ट के दौरान लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाती है।

30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की रफ्तार लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़, बिजली के तार और कमजोर संरचनाओं से दूर रहना जरूरी है। खुले मैदानों में जाने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना बेहतर होगा।
गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में विशेष सावधानी
बुधवार को झारखंड के उत्तर-पश्चिमी जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में पहले से बारिश के कारण यदि जलभराव या नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, तो आने वाले घंटों में परेशानी और बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सूचना पर नजर रखना जरूरी है।

जमशेदपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं खरकई और स्वर्णरेखा
पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर में लगातार बारिश और विभिन्न जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बताया गया है कि पड़ोसी ओडिशा के बांधों से पानी छोड़े जाने के साथ ही झारखंड के चांडिल बांध और गालूडीह बैराज से छोड़े गए पानी का भी नदियों के जलस्तर पर असर पड़ा है।
खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.10 मीटर ऊपर
आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 133.10 मीटर दर्ज किया गया। यह स्तर खतरे के निशान से करीब 4.10 मीटर ऊपर बताया गया है। वहीं मानगो ब्रिज के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.60 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का स्तर 121.50 मीटर है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

गढ़वा में 2 और 3 सितंबर को स्कूल बंद
भारी से बहुत भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए गढ़वा जिला प्रशासन ने 2 और 3 सितंबर को जिले के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इन दोनों दिनों में छात्रों के लिए शैक्षणिक गतिविधियां बंद रहेंगी। हालांकि स्कूलों में गैर-शैक्षणिक कार्य जारी रहेंगे और शिक्षक तथा संबंधित कर्मचारी अपने-अपने विद्यालयों में मौजूद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला लगातार बारिश, संभावित जलभराव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए लिया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बारिश के बीच 30 डिग्री के आसपास रहा तापमान
राज्य में लगातार बारिश के बावजूद कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दुमका में सबसे अधिक 31.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके बाद पाकुड़ में अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री और डाल्टनगंज में 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के अलर्ट वाले इलाकों में लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और ऊंची जगहों पर खड़े होने से बचें। घर से बाहर निकलने से पहले मौसम विभाग और जिला प्रशासन के ताजा अपडेट की जानकारी लेना बेहतर होगा। अगर आपके इलाके में पानी तेजी से बढ़ रहा है, तो स्थिति बिगड़ने का इंतजार न करें और प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

झारखंड में अगले कुछ दिन बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुमान को देखते हुए झारखंड में फिलहाल बारिश से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। 5 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने का दौर जारी रह सकता है। विशेष रूप से रेड अलर्ट और फ्लैश फ्लड वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम की हर चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना सबसे जरूरी है।
यह खबर मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है और किसी इलाके में बारिश की तीव्रता स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। पाठकों से अपील है कि भारी बारिश, बाढ़ या बिजली गिरने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें। Newsbag मौसम संबंधी पूर्वानुमान की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता।

