By: Mala Mandal
खौलते हुए तेल में हाथ डालने के बावजूद कुछ लोगों का हाथ तुरंत क्यों नहीं जलता? सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो और मेले में दिखाए जाने वाले करतब देखकर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है। आखिर इतनी गर्म तेल की कड़ाही में हाथ जाने के बाद भी कुछ सेकंड तक त्वचा को कुछ होता हुआ क्यों नहीं दिखाई देता? क्या इन लोगों के हाथों में कोई खास शक्ति होती है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण छिपा है? दरअसल, इसके पीछे किसी जादुई शक्ति का नहीं, बल्कि विज्ञान के एक दिलचस्प सिद्धांत का हाथ हो सकता है। इसे लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट (Leidenfrost Effect) कहा जाता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि गर्म तेल में हाथ डालना सुरक्षित है। यह प्रभाव बहुत थोड़े समय के लिए सुरक्षा जैसा असर पैदा कर सकता है, लेकिन तापमान और संपर्क की स्थिति बदलते ही गंभीर जलन हो सकती है।

क्या है लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट?
लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट उस स्थिति को कहा जाता है, जब कोई तरल पदार्थ बहुत ज्यादा गर्म सतह के संपर्क में आता है और उसके नीचे तुरंत भाप की एक परत बनने लगती है। यह भाप कुछ समय के लिए तरल और गर्म सतह के बीच एक तरह की इंसुलेटिंग लेयर बना देती है। इसी सिद्धांत को गर्म तवे पर पानी की बूंदों के उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। जब तवा बहुत गर्म होता है और उस पर पानी की बूंद डाली जाती है, तो पानी तुरंत पूरी तरह फैलकर गायब होने के बजाय कुछ समय तक गोल-गोल घूमता हुआ दिखाई दे सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पानी के नीचे भाप की परत बन जाती है, जो सीधे संपर्क को कुछ हद तक कम कर देती है।

खौलते तेल में हाथ डालने पर क्या होता है?
कुछ करतब दिखाने वाले लोग हाथ को तेल में डालने से पहले उसे पानी से गीला कर सकते हैं। जब गीली त्वचा बहुत गर्म तेल के संपर्क में आती है, तो त्वचा पर मौजूद पानी तेजी से गर्म होकर भाप में बदलने लगता है। इस प्रक्रिया के दौरान बनने वाली भाप की बेहद पतली परत कुछ क्षणों के लिए त्वचा और गर्म तेल के बीच सीधा संपर्क कम कर सकती है। यही वजह है कि वीडियो में व्यक्ति का हाथ तेल में डालने के तुरंत बाद बुरी तरह जलता हुआ नजर नहीं आता। लेकिन यह प्रभाव स्थायी सुरक्षा नहीं देता। पानी की परत खत्म होने के बाद गर्म तेल सीधे त्वचा के संपर्क में आ सकता है और गंभीर जलन पैदा कर सकता है।

करतब दिखाने वाले लोगों का हाथ हमेशा सुरक्षित नहीं रहता
वीडियो में कुछ सेकंड तक हाथ ठीक दिखाई देना इस बात का सबूत नहीं है कि व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। गर्म तेल से जलने का जोखिम तापमान, हाथ की नमी, तेल में हाथ रखने की अवधि और त्वचा के संपर्क जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। इसके अलावा, तेल और पानी का व्यवहार एक जैसा नहीं होता। पानी की भाप बनने के बाद अगर गर्म तेल त्वचा के सीधे संपर्क में आ जाए, तो जलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। इसलिए किसी वीडियो को देखकर इस करतब को घर पर दोहराने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है।

तेल में पानी डालना भी क्यों खतरनाक है?
खौलते या बहुत गर्म तेल में पानी डालना खतरनाक हो सकता है। पानी तेल से अधिक घना होने के कारण नीचे जा सकता है और बहुत तेजी से भाप में बदल सकता है। इस दौरान गर्म तेल के छींटे तेजी से ऊपर उछल सकते हैं, जिससे गंभीर जलने का खतरा रहता है। इसी वजह से खाना पकाते समय गर्म तेल में पानी डालने से बचना चाहिए। अगर कड़ाही में तेल गर्म है, तो पानी डालकर उसे ठंडा करने की कोशिश करना भी सुरक्षित तरीका नहीं है।

तो क्या लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट हाथ को जलने से बचा सकता है?
लाइडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट कुछ विशेष परिस्थितियों में बहुत थोड़े समय के लिए गर्मी के सीधे संपर्क को कम कर सकता है, लेकिन इसे सुरक्षा कवच समझना गलत होगा। गर्म तेल का तापमान पानी के उबलने के तापमान से काफी अधिक हो सकता है और त्वचा पर मौजूद नमी खत्म होने के बाद जलने की संभावना तेजी से बढ़ जाती है। इसलिए खौलते तेल में हाथ डालने का करतब विज्ञान के एक रोचक सिद्धांत से जुड़ा जरूर है, लेकिन यह किसी भी तरह से सुरक्षित प्रयोग नहीं है। सोशल मीडिया पर दिखने वाला ऐसा वीडियो विज्ञान की जानकारी बढ़ाने के लिए देखा जा सकता है, लेकिन उसकी नकल करना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।

यह लेख केवल वैज्ञानिक जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। खौलते तेल या किसी अत्यधिक गर्म पदार्थ के साथ ऐसा प्रयोग करना बेहद खतरनाक हो सकता है। किसी भी करतब को देखकर उसे स्वयं दोहराने की कोशिश न करें।



