By: Vikash Kumar (Vicky)

Aaj Ka Panchang 5 September 2026: आज शनिवार, 5 सितंबर 2026 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज नवमी तिथि रात करीब 9:53 बजे तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। आज मृगशिरा नक्षत्र रात करीब 9:30 बजे तक रहेगा और इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ होगा। वहीं चंद्रमा आज वृषभ राशि में स्थित रहेगा।
आज शनिवार होने के कारण भगवान शनिदेव की पूजा और सेवा का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा 5 सितंबर को दही हांडी उत्सव और शिक्षक दिवस भी मनाया जा रहा है। ऐसे में आज का दिन धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से खास है। पंचांग के आधार पर आइए जानते हैं आज की तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के महत्वपूर्ण समय के बारे में।

5 सितंबर 2026 का पंचांग
दिनांक: 5 सितंबर 2026
वार: शनिवार
माह: भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: नवमी, रात 9:53 बजे तक, इसके बाद दशमी
नक्षत्र: मृगशिरा, रात 9:30 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा
योग: वज्र, दोपहर 12:47 बजे तक, इसके बाद सिद्धि योग
चंद्र राशि: वृषभ

सूर्य राशि: सिंह
सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:26 बजे
आज का अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
राहुकाल: सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 1:55 बजे से 3:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 5:49 बजे से 7:24 बजे तक
आज की नवमी तिथि का महत्व
हिंदू पंचांग में हर तिथि का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर श्रद्धालु पूजा-पाठ, व्रत, दान और धार्मिक कार्यों को विशेष महत्व देते हैं। आज नवमी तिथि रात तक रहने के कारण दिनभर कई धार्मिक गतिविधियों के लिए यह तिथि महत्वपूर्ण रहेगी।
मान्यता है कि शुभ भावना और श्रद्धा के साथ किए गए धार्मिक कार्य मन को शांति प्रदान करते हैं। शनिवार होने के कारण आज शनिदेव से जुड़े उपाय और पूजा भी की जा सकती है।

आज मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव
5 सितंबर को मृगशिरा नक्षत्र रात करीब 9:30 बजे तक रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में मृगशिरा नक्षत्र को खोज, जिज्ञासा और नई जानकारी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में आज नई चीज सीखने, जरूरी जानकारी जुटाने और योजनाओं पर विचार करने का दिन माना जा सकता है।
आज वज्र और सिद्धि योग
आज वज्र योग दोपहर करीब 12:47 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। पंचांग में बताए गए योगों का धार्मिक कार्यों और शुभ-अशुभ समय के निर्धारण में महत्व माना जाता है। आज दिन के दूसरे हिस्से में सिद्धि योग का प्रभाव रहने के कारण कई लोग धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए इस समय को उपयोगी मान सकते हैं।
आज का अभिजीत मुहूर्त
5 सितंबर 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त को सामान्य तौर पर शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण समय माना जाता है। यदि किसी जरूरी कार्य के लिए शुभ समय का चयन करना हो तो स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
आज का राहुकाल कब से कब तक?
शनिवार, 5 सितंबर 2026 को राहुकाल सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए यदि कोई महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य शुरू करने की योजना है तो राहुकाल के समय को छोड़कर शुभ मुहूर्त का चयन करना उचित माना जाता है।

आज का यमगण्ड और गुलिक काल
आज यमगण्ड दोपहर 1:55 बजे से 3:30 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 5:49 बजे से 7:24 बजे तक रहेगा। पंचांग परंपरा में इन अवधियों को भी शुभ कार्यों के लिए ध्यान में रखा जाता है।
शनिवार को क्या करें?
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आज जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना, दान करना और सेवा भाव रखना शुभ माना जाता है। शनिदेव की पूजा करते समय श्रद्धा और संयम का विशेष महत्व माना जाता है।
आज सरसों के तेल का दान करने की भी धार्मिक मान्यता है। इसे शनिदेव से जुड़े पारंपरिक उपायों में शामिल किया जाता है।

आज का शुभ रंग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन काले रंग को शनिदेव से संबंधित माना जाता है। आज के लिए काला रंग शुभ माना गया है।
दही हांडी और शिक्षक दिवस का खास संयोग
5 सितंबर 2026 का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज दही हांडी उत्सव और शिक्षक दिवस एक साथ पड़ रहे हैं। दही हांडी की परंपरा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके माखन प्रेम से जुड़ी मानी जाती है। इस अवसर पर कई स्थानों पर मटकी फोड़ने और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
वहीं 5 सितंबर को शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है। यह दिन देश के महान शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान के रूप में मनाया जाता है।

आज पूजा-पाठ के लिए क्या करें?
सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद अपने इष्टदेव की पूजा करें। शनिवार होने के कारण शनिदेव का स्मरण और जरूरतमंदों की सहायता की जा सकती है। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने वाले भक्त उन्हें माखन-मिश्री, दूध, दही और फल का भोग भी लगा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में सबसे महत्वपूर्ण श्रद्धा और सकारात्मक भावना मानी जाती है।
आज किन बातों का रखें ध्यान?
आज किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी करने से बचें। आर्थिक लेनदेन करते समय जरूरी दस्तावेजों और शर्तों को अच्छी तरह जांच लें। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो तो शांतिपूर्वक बातचीत करके समाधान निकालने की कोशिश करें। धार्मिक कार्य करते समय स्थानीय पंचांग में दिए गए समय को प्राथमिकता दें, क्योंकि सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है।
आज का पंचांग क्यों है खास?
पंचांग केवल तिथि और वार बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसमें नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और राहुकाल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी शामिल होती हैं। हिंदू धार्मिक परंपरा में इन जानकारियों के आधार पर पूजा, व्रत और अन्य शुभ कार्यों के समय का चयन किया जाता है।

5 सितंबर 2026 को भाद्रपद कृष्ण नवमी, मृगशिरा नक्षत्र, वज्र योग और शनिवार का संयोग है। दोपहर के बाद सिद्धि योग का आरंभ भी होगा। ऐसे में धार्मिक दृष्टि से आज का दिन कई लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।
आज का संक्षिप्त पंचांग
अगर आप सिर्फ जरूरी जानकारी जानना चाहते हैं तो 5 सितंबर 2026 के पंचांग में नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक, मृगशिरा नक्षत्र रात 9:30 बजे तक और वज्र योग दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है, जबकि राहुकाल सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक रहेगा।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। मुहूर्त और पंचांग के समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष धार्मिक या शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य विशेषज्ञ से जानकारी अवश्य लें। इसे निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में न लें।
