By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, देवघर शाखा की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को कुष्ठ आश्रम रोड स्थित संघ कार्यालय में जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं क्षेत्रों से पहुंचे दर्जनों कर्मचारियों ने अपनी-अपनी समस्याओं को संघ के समक्ष रखा। कर्मचारियों ने विशेष रूप से लंबे समय से लंबित वेतन, एसीपी-एमएसीपी के लाभ, एरियर भुगतान तथा सेवा पुस्तिका से संबंधित मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग की।

बैठक के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी लंबित मामलों के समाधान के लिए सिविल सर्जन, देवघर को पत्र सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की जाएगी। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि पत्र देने के बाद 10 दिनों के भीतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संघ की ओर से चरणबद्ध एवं जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।
एसीपी-एमएसीपी के लंबित भुगतान की मांग
बैठक में जिला स्तरीय कर्मचारियों को देय एसीपी एवं एमएसीपी का एरियर सहित लंबित भुगतान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि जिन कर्मियों को एसीपी-एमएसीपी का लाभ मिलना है, उन्हें लंबित राशि का भुगतान करते हुए बढ़े हुए वेतनमान को मूल वेतन में समायोजित किया जाए। साथ ही संशोधित वेतन के आधार पर नियमित रूप से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एसीपी-एमएसीपी से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए विभागीय स्तर पर लंबित सभी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

पालोजोरी समेत अन्य स्थानों के लंबित वेतन का भुगतान
बैठक में 2211 शीर्ष के पालोजोरी सहित अन्य स्थानों पर लंबित वेतन का मामला भी उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि कई कर्मियों का वेतन लंबे समय से लंबित है, जिससे उनके सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। संघ ने संबंधित विभाग से लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा वर्ष 2016 में नियमित हुए राज्य स्तरीय कर्मचारियों के एमएसीपी भुगतान का मामला भी बैठक में रखा गया। संघ ने मांग की कि ऐसे सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका को अद्यतन कर स्वास्थ्य निदेशालय भेजा जाए, ताकि एमएसीपी भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सके और कर्मचारियों को उनका निर्धारित लाभ मिल सके।

सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित भुगतान का मामला
बैठक में भुवनेश्वरी कुमारी का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के अनुसार भुवनेश्वरी कुमारी अगस्त माह में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, लेकिन उनकी सेवा पुस्तिका गायब होने की बात कहकर मार्च माह से लंबित वेतन एवं अन्य देय लाभों का भुगतान नहीं किया गया है। संघ ने मांग की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सेवा पुस्तिका से संबंधित समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और लंबित वेतन सहित सेवानिवृत्ति से जुड़े सभी देय लाभों का जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

इसी तरह अनीता कुमारी, जो निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाली हैं, का भी मार्च माह से वेतन लंबित रहने का मामला बैठक में सामने आया। संघ ने बताया कि उनकी सेवा पुस्तिका गायब होने की बात कही जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों ने मांग की कि सेवा पुस्तिका से संबंधित समस्या का समाधान करते हुए उनका लंबित वेतन एवं अन्य देय लाभों का भुगतान जल्द किया जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

एएनएम किरण कुमारी का मामला भी उठा
पालोजोरी की एएनएम किरण कुमारी के लंबित वेतन भुगतान का मामला भी बैठक में उठाया गया। संघ ने मार्च माह से लंबित वेतन का भुगतान करने के साथ उन्हें देय एसीपी का लाभ भी देने की मांग की। संघ के अनुसार एसीपी का लाभ निर्गत आदेश की तिथि से मूल वेतन में जोड़ते हुए एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि बैठक में सामने आए लगभग सभी मामले सीधे तौर पर कर्मचारियों के वेतन, सेवा लाभ और आर्थिक हितों से जुड़े हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार विभागीय स्तर पर मांग की जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

10 दिनों में समाधान नहीं तो आंदोलन
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की सभी प्रमुख समस्याओं को लेकर सिविल सर्जन को पत्र दिया जाएगा। संघ ने विभाग को 10 दिनों का समय देने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि निर्धारित अवधि में यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारियों के हित में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संघ गंभीर है। वेतन एवं अन्य देय लाभ कर्मचारियों का अधिकार है और इसके लिए उन्हें लगातार विभागीय कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संघ आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। बैठक में संघ के संयुक्त सचिव संजीव कुमार मिश्र, उपाध्यक्ष विश्वनाथ बक्शी, बुद्धिनाथ झा, किरण कुमारी, अनीता कुमारी, पूनम कुमारी, ज्योति कुमारी, पिंकी कुमारी, सुजाता कुमारी सहित जिले भर से आए दर्जनों कर्मचारी मौजूद थे।

शिक्षा मंत्री के निधन पर शोकसभा
बैठक के बाद झारखंड के शिक्षा मंत्री के आकस्मिक निधन की सूचना मिलने पर संघ की ओर से शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिवंगत मंत्री की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि झारखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू कराने में दिवंगत शिक्षा मंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनके निधन से झारखंड के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों में शोक की लहर है। संघ के सदस्यों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की।

