By: Mala Mandal
देवघर। सदर अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने सदर अस्पताल परिसर का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित कार्यकारी एजेंसी और अधिकारियों को शेष बचे निर्माण कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान क्रिटिकल केयर ब्लॉक के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय अवलोकन किया। उन्होंने ऑपरेशन थियेटर (OT), इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू (ICU), लिफ्ट स्थापना कार्य और रिसेप्शन एरिया सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में अपनाए जा रहे गुणवत्ता मानकों की भी समीक्षा की। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों और तकनीकी अधिकारियों से कहा कि जो भी कार्य अभी शेष हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

एक सप्ताह में काम पूरा करने का लक्ष्य
निरीक्षण के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। संबंधित एजेंसी को एक सप्ताह में काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा दोबारा स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंतिम निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि भवन और उसमें उपलब्ध सुविधाओं का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं। सभी आवश्यक कार्य पूरे होने और व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद ही इसके संचालन की आगे की योजना तय की जाएगी।

गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी बेहतर सुविधा
क्रिटिकल केयर ब्लॉक के शुरू होने से देवघर शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में यह ब्लॉक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वर्तमान समय में गंभीर मरीजों को कई बार बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों या दूसरे शहरों की ओर रेफर करना पड़ता है। ऐसे में सदर अस्पताल परिसर में आधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधा विकसित होने से गंभीर मरीजों के उपचार की स्थानीय क्षमता बढ़ेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को समय और संसाधन दोनों की बचत हो सकती है।

उपायुक्त ने कहा कि अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुगम, आधुनिक और व्यवस्थित होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भवन के संचालन से पहले मरीजों की सुविधा से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं की जांच कर ली जाए।
OT, ICU और इमरजेंसी वार्ड पर विशेष ध्यान
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में तैयार की जा रही सुविधाओं में ऑपरेशन थियेटर, इमरजेंसी वार्ड और आईसीयू जैसे महत्वपूर्ण हिस्से शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को देखा और संबंधित अधिकारियों से निर्माण तथा स्थापना कार्य से जुड़ी जानकारी ली। आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड किसी भी अस्पताल की गंभीर चिकित्सा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में उपकरणों की स्थापना, बिजली व्यवस्था, ऑक्सीजन एवं अन्य आवश्यक मेडिकल सपोर्ट सिस्टम सहित मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य पूरा करने के साथ-साथ मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जाए। रिसेप्शन एरिया और लिफ्ट जैसी सुविधाओं को भी इस तरह तैयार करने पर जोर दिया गया, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन एवं आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में परेशानी न हो।

संचालन योजना पर बाद में होगा फैसला
उपायुक्त ने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण पूरा होने के बाद प्रशासन की टीम दोबारा विस्तृत निरीक्षण करेगी। इसके बाद यह देखा जाएगा कि भवन और उपलब्ध सुविधाएं संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने के बाद आम जनता को इसका अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए सुव्यवस्थित संचालन योजना तैयार की जाएगी। इस योजना में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन, मरीजों की सुविधा और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई स्वास्थ्य सुविधा केवल भवन तक सीमित न रहे, बल्कि इसका वास्तविक लाभ गंभीर मरीजों को समय पर मिल सके।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
देवघर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से सदर अस्पताल परिसर में बन रहा क्रिटिकल केयर ब्लॉक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके चालू होने से गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल की क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेष रूप से शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना मरीज की स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आधुनिक क्रिटिकल केयर सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हो सकती है।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, संबंधित तकनीकी पदाधिकारी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।

प्रशासन की ओर से दिए गए एक सप्ताह के लक्ष्य के बाद अब क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने पर जोर है। कार्य पूरा होने के बाद होने वाला विस्तृत निरीक्षण और उसके बाद तैयार की जाने वाली संचालन योजना यह तय करेगी कि यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा किस प्रकार आम लोगों के लिए शुरू की जाएगी।

