By: Mala Mandal
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) पेपर लीक मामले में जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने एक और सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पेपर लीक प्रकरण में शामिल लोगों पर शिकंजा और कस गया है। CID लगातार मामले की जांच कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर चुकी है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किया गया अभ्यर्थी JSSC CGL परीक्षा में सफल हुआ था। CID को जांच के दौरान उसकी भूमिका को लेकर अहम सुराग मिले थे। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का पेपर लीक करने वाले गिरोह से किस तरह का संपर्क था और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक उसकी पहुंच कैसे बनी।

पेपर लीक मामले में बढ़ता जा रहा जांच का दायरा
JSSC CGL परीक्षा पेपर लीक मामला सामने आने के बाद राज्यभर में इसका विरोध हुआ था। अभ्यर्थियों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद मामले की जांच CID को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल लेनदेन और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। CID अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और किस स्तर तक इसकी पहुंच थी।

सफल अभ्यर्थियों की भूमिका की भी हो रही जांच
पेपर लीक मामले की जांच में CID उन सभी पहलुओं पर ध्यान दे रही है, जिनसे परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित हुई। जांच के दौरान कुछ सफल अभ्यर्थियों की भूमिका भी सामने आई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किन अभ्यर्थियों ने लीक हुए प्रश्नपत्र का लाभ उठाया और इसके बदले किसी तरह का भुगतान या संपर्क किया गया था या नहीं। गिरफ्तार अभ्यर्थी से पूछताछ के माध्यम से CID पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस मामले में कई स्तरों पर लोग जुड़े हो सकते हैं।

अभ्यर्थियों में फिर बढ़ी चिंता
JSSC CGL पेपर लीक मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बीच अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों का विश्वास प्रभावित होता है। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्र संगठनों ने भी समय-समय पर इस मामले को लेकर आवाज उठाई है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ऐसे मामलों में जल्द और कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

CID खंगाल रही पेपर लीक की पूरी साजिश
CID की जांच अब सिर्फ पेपर लीक करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश की जा रही है। एजेंसी यह पता कर रही है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, किन लोगों तक पहुंचा और सफल अभ्यर्थियों को किस माध्यम से उपलब्ध कराया गया। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा सकती है। CID अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID की कार्रवाई लगातार जारी है। जांच एजेंसी की नजर अब उन सभी लोगों पर है, जिनकी भूमिका परीक्षा की गोपनीयता भंग करने में रही हो सकती है। आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। CID की कार्रवाई से यह साफ संकेत मिल रहा है कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



