By: Vikash Kumar Raut(Vicky)
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को आदिवासी एकता महाजुटान रैली का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। मोरहाबादी मैदान में आयोजित इस रैली में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर विरोध जताया गया। नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को अब राज्य से आगे दिल्ली तक ले जाया जाएगा।

रैली में शामिल नेताओं ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में यदि आदिवासी आरक्षित सीटों पर असर पड़ता है, तो यह समाज के राजनीतिक अधिकारों के लिए बड़ी चुनौती होगी। आदिवासी संगठनों का कहना है कि जनसंख्या के आधार पर होने वाले बदलावों में झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

मोरहाबादी मैदान में उमड़ी आदिवासी समाज की भीड़
रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित इस महाजुटान में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विभिन्न जिलों से आए लोगों ने आदिवासी पहचान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की।

परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों की चिंता
आदिवासी नेताओं का कहना है कि परिसीमन केवल सीटों के पुनर्निर्धारण का विषय नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका तर्क है कि झारखंड में आदिवासी समुदाय की सामाजिक और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखे बिना कोई भी फैसला नहीं लिया जाना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि वे परिसीमन के खिलाफ अपनी बात केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। उनका कहना है कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

दिल्ली तक आंदोलन ले जाने का ऐलान
महाजुटान के मंच से नेताओं ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि झारखंड के आदिवासी समाज की आवाज दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी।
रैली में परिसीमन के अलावा आदिवासी अधिकार, जमीन संरक्षण, संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और किसी भी चुनौती का सामना एकजुट होकर करेगा।

झारखंड की राजनीति में बढ़ी हलचल
रांची में आयोजित आदिवासी एकता महाजुटान को झारखंड की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। परिसीमन का मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। इस रैली के जरिए आदिवासी संगठनों ने अपनी मांगों और चिंताओं को मजबूती से सामने रखा है।



