By: Vikash Kumar (Vicky)

आज का पंचांग 10 सितंबर 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। पंचांग की मदद से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और राहुकाल जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जाती है। आज 10 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह तक रहेगी और इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। इसी कारण आज पिठोरी अमावस्या और दर्श अमावस्या से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।
पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। सुबह 10:33 बजे तक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी और इसके बाद अमावस्या आरंभ होगी। आज मघा नक्षत्र दोपहर 2:04 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। दिन में सिद्ध योग बनने के बाद साध्य योग का प्रभाव रहेगा।

10 सितंबर 2026 को पिठोरी अमावस्या का विशेष महत्व
पिठोरी अमावस्या को धार्मिक परंपराओं में संतान की सुख-समृद्धि, परिवार की मंगलकामना और पितरों के स्मरण से जुड़ा महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन महिलाएं कई स्थानों पर संतान की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत एवं पूजा करती हैं। पिठोरी अमावस्या पर देवी पिठोरी और 64 योगिनियों की पूजा की परंपरा भी बताई जाती है।
इसके अलावा अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण, स्मरण, दीपदान और दान-पुण्य के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक पितरों का स्मरण करके जल अर्पित करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

आज की तिथि क्या है?
10 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:33 बजे तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी। अमावस्या तिथि अगले दिन 11 सितंबर की सुबह तक रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है।
इसलिए आज दिन के बड़े हिस्से में अमावस्या तिथि रहेगी और पिठोरी अमावस्या से जुड़े धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। अलग-अलग स्थानों और परंपराओं में पर्व मनाने के समय में अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहता है।
आज का वार और संवत
आज 10 सितंबर 2026 को गुरुवार है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, पीले फूल अर्पित करना, जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना और गुरुजनों का सम्मान करना शुभ माना जाता है।
आज विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है।
आज का नक्षत्र
आज सुबह से दोपहर 2:04 बजे तक मघा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। मघा नक्षत्र का संबंध पितरों और पूर्वजों से माना जाता है, इसलिए अमावस्या के दिन इसका होना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

अमावस्या और पितृ स्मरण से जुड़े कार्य करने वाले लोगों के लिए आज का दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-अर्चना करने का अवसर माना जा सकता है।
आज का योग
पंचांग के अनुसार आज सिद्ध योग शाम 7:17 बजे तक रहेगा। इसके बाद साध्य योग प्रारंभ होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में सिद्ध योग को शुभ कार्यों और धार्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि किसी भी विशेष संस्कार या बड़े शुभ कार्य के लिए व्यक्तिगत और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना बेहतर होता है।
आज का करण
आज सुबह 10:33 बजे तक शकुनी करण रहेगा। इसके बाद चतुष्पद करण का प्रभाव रहेगा और रात में नागव करण आएगा। करण पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में से एक है और शुभ-अशुभ समय निर्धारित करने में इसका भी महत्व माना जाता है।

आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पटना के अनुसार 10 सितंबर 2026 को सूर्योदय सुबह 5:33 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5:59 बजे होगा। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर हो सकता है।
सूर्योदय के बाद स्नान करके सूर्यदेव को जल अर्पित करना धार्मिक परंपरा में शुभ माना जाता है। अमावस्या होने के कारण आज सुबह स्नान, ध्यान, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जा सकता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
10 सितंबर 2026 को पटना में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:21 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त को सामान्य रूप से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि अमावस्या तिथि और अन्य पंचांग तत्वों को देखते हुए किसी विशेष धार्मिक संस्कार के लिए विद्वान या स्थानीय पंचांग की सलाह लेना बेहतर होगा।
आज का राहुकाल
गुरुवार 10 सितंबर 2026 को पटना के अनुसार राहुकाल दोपहर लगभग 1:50 बजे से 2:52 बजे के आसपास रहेगा। राहुकाल में सामान्यतः नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।
हालांकि राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदलता है। इसलिए यदि आप पटना के अलावा किसी दूसरे शहर में हैं तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार राहुकाल देखना उचित रहेगा।

आज का ब्रह्म मुहूर्त
पटना में आज ब्रह्म मुहूर्त लगभग सुबह 4:01 बजे से 4:47 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, मंत्र जाप, अध्ययन और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
जो लोग अमावस्या के दिन विशेष पूजा, ध्यान या पितरों का स्मरण करना चाहते हैं, वे अपनी सुविधा और स्थानीय परंपरा के अनुसार सुबह का समय चुन सकते हैं।
पिठोरी अमावस्या पर क्या करें?
पिठोरी अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान का ध्यान करके घर के मंदिर में दीपक जलाएं। पितरों का स्मरण करते हुए श्रद्धा से जल अर्पित किया जा सकता है।
जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, अनाज, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी धार्मिक परंपराओं में शुभ माना गया है। पशु-पक्षियों को भोजन कराना और बुजुर्गों का सम्मान करना भी अच्छे कर्मों में माना जाता है।
संतान की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पिठोरी माता और 64 योगिनियों का पूजन कर सकती हैं। पूजा की विधि क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

पिठोरी अमावस्या पर किन बातों का ध्यान रखें?
अमावस्या के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में शांत और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना अच्छा माना जाता है। अनावश्यक विवाद, क्रोध और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए।
दान करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा और सामर्थ्य को महत्व देना चाहिए। पितृ कर्म या तर्पण करने वाले लोगों को अपनी पारिवारिक परंपरा और योग्य आचार्य के निर्देशों के अनुसार ही विधि पूरी करनी चाहिए।
आज का धार्मिक संदेश
10 सितंबर 2026 का दिन तिथि, अमावस्या और गुरुवार के संयोग के कारण धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज पूजा-पाठ के साथ दान, सेवा, पितरों का स्मरण और जरूरतमंदों की सहायता करने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या आत्मचिंतन और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। इसलिए आज अपने व्यस्त जीवन से थोड़ा समय निकालकर परिवार की सुख-शांति और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा के लिए प्रार्थना करना शुभ माना जा सकता है।
10 सितंबर 2026 पंचांग एक नजर में
वार: गुरुवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी सुबह 10:33 बजे तक, इसके बाद अमावस्या
मास: भाद्रपद, पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार
नक्षत्र: मघा दोपहर 2:04 बजे तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी
योग: सिद्ध शाम 7:17 बजे तक, इसके बाद साध्य
करण: शकुनी सुबह 10:33 बजे तक, इसके बाद चतुष्पद
चंद्र राशि: सिंह

सूर्योदय: सुबह 5:33 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:59 बजे
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:01 से 4:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:21 से दोपहर 12:11 बजे तक
राहुकाल: दोपहर लगभग 1:50 से 2:52 बजे तक
प्रमुख पर्व: पिठोरी अमावस्या, दर्श अमावस्या
यह पंचांग ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओं तथा उपलब्ध पंचांग गणनाओं पर आधारित है। शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और अन्य समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। किसी विशेष पूजा, व्रत, तर्पण या धार्मिक अनुष्ठान की विधि के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य आचार्य की सलाह लेना उचित है। धार्मिक मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य न मानें।

