By: Vikash Kumar (Vicky)

क्या आप रोजाना बर्तन धोने के लिए एक ही स्पंज का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जिस किचन स्पंज से हम रोज प्लेट, गिलास, चम्मच और खाना बनाने के बर्तन साफ करते हैं, वही स्पंज अगर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो उसमें बड़ी संख्या में बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसकी वजह है कि स्पंज लगातार पानी, खाने के छोटे-छोटे कण, तेल और नमी के संपर्क में रहता है।
किचन की सफाई को लेकर हम अक्सर गैस चूल्हे, सिंक, स्लैब और फर्श पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन बर्तन साफ करने वाले स्पंज को नजरअंदाज कर देते हैं। कई घरों में एक ही स्पंज कई सप्ताह या महीनों तक इस्तेमाल होता रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार गीला और नम रहने वाला स्पंज सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए अनुकूल जगह बन सकता है।

आखिर बर्तन धोने वाला स्पंज इतना गंदा क्यों हो जाता है?
बर्तन धोने के बाद स्पंज में पानी के साथ-साथ खाने के बचे हुए सूक्ष्म कण, तेल और चिकनाई भी फंस जाती है। यदि इस्तेमाल के बाद इसे अच्छी तरह से साफ और सुखाया न जाए तो इसके अंदर नमी बनी रहती है।
यही नमी और खाद्य अवशेष बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बना सकते हैं। खासकर जब स्पंज को सिंक के पास लगातार गीली अवस्था में छोड़ दिया जाता है, तो उसमें अलग-अलग तरह के सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ सकती है।
यानी केवल स्पंज को पानी से एक बार धो देना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उसकी सही सफाई, सुखाना और समय पर बदलना भी किचन हाइजीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
क्या स्पंज में टॉयलेट से भी ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं?
सोशल मीडिया और कई वायरल रिपोर्ट्स में यह दावा किया जाता रहा है कि किचन स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। इस तरह की तुलना अक्सर अलग-अलग अध्ययनों और नमूनों के आधार पर की जाती है, इसलिए इसे हर घर और हर स्पंज पर लागू करना सही नहीं होगा।

हालांकि एक बात स्पष्ट है कि इस्तेमाल किया हुआ और लगातार नम रहने वाला किचन स्पंज बैक्टीरिया के लिए अच्छी जगह बन सकता है। इसलिए इसे साफ रखना और समय-समय पर बदलना जरूरी है।
फूड सेफ्टी से जुड़े विशेषज्ञ भी किचन में क्रॉस-कंटैमिनेशन यानी एक सतह से दूसरी सतह पर सूक्ष्मजीवों के पहुंचने के खतरे को कम करने के लिए साफ-सफाई की अच्छी आदतें अपनाने की सलाह देते हैं।
सबसे बड़ी गलती है स्पंज को लंबे समय तक इस्तेमाल करना
कई लोग तब तक स्पंज नहीं बदलते जब तक वह पूरी तरह खराब न हो जाए। स्पंज का रंग बदल जाना, बदबू आने लगना या उसका टूटने लगना स्पष्ट संकेत हैं कि उसे बदलने का समय आ गया है।
लेकिन केवल खराब दिखने का इंतजार करना भी जरूरी नहीं है। यदि स्पंज लगातार इस्तेमाल हो रहा है और उसे ठीक से साफ या सुखाना संभव नहीं हो रहा है, तो उसे नियमित अंतराल पर बदलना बेहतर है।

विशेषकर कच्चे मांस, चिकन, मछली या अंडे से जुड़े बर्तनों की सफाई के बाद स्वच्छता का अधिक ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थों से जुड़े सूक्ष्मजीव किचन की दूसरी सतहों तक पहुंच सकते हैं।
स्पंज को साफ करने का सही तरीका क्या है?
स्पंज को इस्तेमाल करने के बाद सबसे पहले उसे बहते पानी से अच्छी तरह धोएं। उसमें फंसे खाने के टुकड़े और ग्रीस को जितना संभव हो निकाल दें।
इसके बाद स्पंज से अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़ दें। उसे सिंक के अंदर गीला पड़ा रहने देने के बजाय ऐसी जगह रखें जहां हवा का संचार हो और वह जल्दी सूख सके।
स्पंज को किसी बंद डिब्बे या लगातार गीली जगह में रखने से बचें। नमी जितनी ज्यादा देर तक बनी रहेगी, सूक्ष्मजीवों के बढ़ने के लिए परिस्थितियां उतनी ही अनुकूल हो सकती हैं।

क्या गर्म पानी से स्पंज साफ किया जा सकता है?
गर्म पानी से सफाई करने से कुछ सूक्ष्मजीवों की संख्या कम हो सकती है, लेकिन केवल गर्म पानी पर निर्भर रहना स्पंज को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की गारंटी नहीं है।
कुछ लोग स्पंज को माइक्रोवेव या डिशवॉशर में डालकर साफ करने की सलाह देते हैं, लेकिन यह तरीका हर प्रकार के स्पंज के लिए सुरक्षित नहीं होता। जिस उत्पाद पर निर्माता ने ऐसा करने की अनुमति न दी हो, उसे माइक्रोवेव में डालना आग या अन्य नुकसान का कारण बन सकता है।
इसलिए स्पंज की पैकेजिंग पर दिए गए निर्देशों को देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।
बर्तन धोने वाले स्पंज को कितने दिन में बदलना चाहिए?
स्पंज को कितने दिनों में बदलना चाहिए, इसका कोई एक नियम हर घर पर लागू नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि स्पंज का इस्तेमाल कितनी बार होता है, किस तरह के बर्तन साफ किए जाते हैं और उसे इस्तेमाल के बाद किस तरह रखा जाता है।
अगर स्पंज से बदबू आने लगे, वह चिपचिपा महसूस हो, उसका रंग बदल जाए, टूटने लगे या उसमें गंदगी दिखाई देने लगे तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।

अगर घर में स्पंज का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है, तो उसे लंबे समय तक चलाने के बजाय नियमित रूप से नया स्पंज इस्तेमाल करना बेहतर किचन हाइजीन की आदत हो सकती है।
कच्चे मांस और सब्जियों के लिए एक ही स्पंज इस्तेमाल न करें
किचन में क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचने के लिए अलग-अलग कामों के लिए अलग सफाई सामग्री रखना बेहतर हो सकता है। जिस स्पंज से कच्चे चिकन, मांस या मछली से जुड़े बर्तन साफ किए गए हों, उसी से प्लेट या ऐसे बर्तन साफ करने से बचना चाहिए जिनका इस्तेमाल सीधे खाने के लिए होता है।
कच्चे खाद्य पदार्थों से जुड़े बर्तनों और सतहों की सफाई के बाद हाथों को भी साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है।

स्पंज के बजाय ब्रश का इस्तेमाल क्यों हो सकता है बेहतर?
किचन में कुछ लोग बर्तन धोने के लिए ब्रश का इस्तेमाल करते हैं। ब्रश की सतह स्पंज की तरह पानी और खाद्य अवशेषों को अंदर रोककर नहीं रखती और उसे साफ करके सूखाना भी अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर ब्रश अपने आप साफ रहेगा। ब्रश को भी नियमित रूप से धोना, अच्छी तरह सुखाना और खराब होने पर बदलना जरूरी है।
किचन स्पंज इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
बर्तन साफ करने के बाद स्पंज को पानी से अच्छी तरह धोकर निचोड़ें।
स्पंज को सिंक में पानी के अंदर या गीली सतह पर पड़ा न रहने दें।
स्पंज को ऐसी जगह रखें जहां हवा आसानी से लग सके और वह जल्दी सूख जाए।
अगर स्पंज से बदबू आने लगे या वह चिपचिपा हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें।
कच्चे चिकन, मांस और मछली से जुड़े बर्तनों की सफाई के बाद विशेष सावधानी बरतें।
खाने के बर्तन और किचन की दूसरी सतहों की सफाई के लिए अलग-अलग सफाई सामग्री रखना उपयोगी हो सकता है।
स्पंज को साफ करने के लिए किसी भी केमिकल को मनमाने तरीके से मिलाकर इस्तेमाल न करें।

सिर्फ स्पंज ही नहीं, किचन सिंक की भी करें सफाई
किचन स्पंज की सफाई के साथ सिंक को साफ रखना भी बेहद जरूरी है। सिंक में बर्तन धोते समय खाने के अवशेष, तेल और गंदगी जमा होती रहती है। अगर सिंक लंबे समय तक साफ न किया जाए तो वहां भी सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं।
इसलिए रोजाना किचन की सफाई के दौरान सिंक को भी साफ करें और इस्तेमाल के बाद जितना संभव हो उसे सूखा रखें।
क्यों जरूरी है किचन हाइजीन पर ध्यान देना?
घर में खाना बनाने और खाने से जुड़ी चीजों की स्वच्छता सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है। गंदे हाथ, दूषित सतह, लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा स्पंज या ठीक से साफ न किए गए बर्तन सूक्ष्मजीवों के एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का कारण बन सकते हैं।
इसलिए सिर्फ बर्तन चमकाना ही पर्याप्त नहीं है। बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों की सफाई पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।
बर्तन धोने वाला स्पंज देखने में भले ही साफ दिखाई दे, लेकिन लगातार नमी, भोजन के अवशेष और तेल के कारण उसमें सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं। इसलिए इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने की आदत छोड़ना बेहतर है। इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह धोकर निचोड़ें, हवा वाली जगह पर सुखाएं और बदबू, चिपचिपाहट या खराब होने के संकेत दिखाई देने पर तुरंत बदल दें।
किचन की छोटी-छोटी सफाई की आदतें खाद्य स्वच्छता को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए अगली बार बर्तन धोने के बाद सिर्फ बर्तनों को ही नहीं, अपने स्पंज की हालत को भी जरूर देखें।

यह लेख सामान्य खाद्य स्वच्छता और उपलब्ध विशेषज्ञ सलाह पर आधारित है। किचन स्पंज में बैक्टीरिया की मात्रा इस्तेमाल, सफाई, नमी और अन्य परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। टॉयलेट से बैक्टीरिया की तुलना को हर घर की स्थिति पर लागू नहीं किया जा सकता। किसी स्वास्थ्य समस्या या फूड-बोर्न बीमारी के लक्षण होने पर डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।
