By: Mala Mandal
Aparajita Flower Tea: सुबह की शुरुआत एक कप गर्म चाय से करने की आदत ज्यादातर लोगों की होती है। कई लोगों के लिए चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि दिन की शुरुआत का जरूरी हिस्सा होती है। लेकिन अगर आप रोजाना दूध वाली चाय या सामान्य चाय पीते हैं और कुछ अलग आजमाना चाहते हैं, तो अपराजिता फूल से बनी हर्बल चाय एक विकल्प हो सकती है। अपराजिता को अंग्रेजी में Butterfly Pea Flower के नाम से जाना जाता है। इसके नीले रंग के फूलों से तैयार चाय देखने में बेहद आकर्षक लगती है। इसका रंग गहरा नीला होता है और इसमें नींबू की कुछ बूंदें डालने पर इसका रंग बैंगनी या गुलाबी-सा दिखाई दे सकता है। यही खासियत इसे सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय बनाती है।

हालांकि, अपराजिता फूल की चाय को किसी बीमारी का इलाज समझना सही नहीं है। इसे एक हर्बल पेय के तौर पर लिया जा सकता है और इसके संभावित स्वास्थ्य लाभों पर शोध भी हुआ है। आइए जानते हैं इसे घर पर कैसे बनाया जा सकता है और इसके सेवन से जुड़े किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अपराजिता फूल की चाय बनाने के लिए क्या चाहिए?
अपराजिता फूल की चाय बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए 4 से 6 साफ और सूखे अपराजिता फूल, करीब एक कप पानी और स्वाद के लिए थोड़ा नींबू लिया जा सकता है। अगर आप चाहें तो मिठास के लिए थोड़ी मात्रा में शहद भी मिला सकते हैं। चाय बनाने के लिए ताजे फूलों की जगह खाद्य उपयोग के लिए सुरक्षित और अच्छी तरह साफ किए गए सूखे अपराजिता फूलों का इस्तेमाल करना बेहतर होता है। ऐसे फूलों का इस्तेमाल न करें जिन पर कीटनाशक या अन्य रसायनों के इस्तेमाल की जानकारी न हो।

अपराजिता फूल की चाय बनाने का सही तरीका
सबसे पहले एक कप पानी को पैन में गर्म करें। पानी में उबाल आने के बाद गैस को धीमा कर दें और इसमें अपराजिता के फूल डालें। इसे करीब 5 मिनट तक पानी में रहने दें ताकि फूलों का रंग और स्वाद पानी में अच्छी तरह आ जाए। इसके बाद चाय को छानकर कप में निकाल लें। आप इसमें स्वाद के लिए कुछ बूंदें नींबू की डाल सकते हैं। नींबू डालने के बाद नीली चाय का रंग बदलकर बैंगनी या गुलाबी रंग का दिखाई दे सकता है। यह किसी खराबी का संकेत नहीं बल्कि फूलों में मौजूद प्राकृतिक रंगद्रव्य की अम्लता के प्रति प्रतिक्रिया के कारण होता है। अगर आपको हल्की मिठास पसंद है तो चाय के थोड़ा ठंडा होने के बाद इसमें थोड़ी मात्रा में शहद मिलाया जा सकता है। इस तरह आपकी अपराजिता फूल की हर्बल चाय तैयार हो जाएगी।

अपराजिता फूल की चाय पीने के संभावित फायदे
अपराजिता फूल में एंथोसायनिन जैसे प्राकृतिक पौधों के यौगिक पाए जाते हैं। इन यौगिकों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़े प्रभावों से बचाव में भूमिका निभाते हैं। कुछ शुरुआती अध्ययनों में Butterfly Pea Flower के अर्क और इसके कुछ घटकों को एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि से जोड़ा गया है। हालांकि, इंसानों में इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं। इसलिए इसे किसी बीमारी की दवा या इलाज के विकल्प के रूप में नहीं लेना चाहिए।

पाचन के लिए हो सकती है हल्की
कई लोग हर्बल टी को दूध वाली चाय के विकल्प के रूप में लेते हैं। अपराजिता फूल की चाय सामान्यतः बिना दूध के तैयार की जाती है और अगर इसमें ज्यादा चीनी न डाली जाए तो यह हल्का पेय विकल्प हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन तंत्र अलग होता है। अगर इसे पीने के बाद पेट में परेशानी, मतली या कोई अन्य असहजता महसूस हो तो इसका सेवन बंद कर देना बेहतर है।
सुबह की शुरुआत के लिए कैफीन-फ्री विकल्प
अपराजिता फूल की सामान्य चाय में चाय की पत्तियां या कॉफी शामिल नहीं होतीं, इसलिए यह प्राकृतिक रूप से कैफीन-फ्री पेय का विकल्प हो सकती है। जो लोग कैफीन का सेवन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह सामान्य चाय के मुकाबले एक अलग विकल्प हो सकता है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले कुछ Butterfly Pea Tea ब्लेंड्स में अन्य सामग्री या कैफीनयुक्त चाय मिलाई जा सकती है। इसलिए पैकेट वाला उत्पाद खरीदते समय उसके ingredients जरूर पढ़ें।

वजन कम करने में कितनी मददगार है अपराजिता चाय?
अपराजिता फूल की चाय को लेकर वजन कम करने के दावे इंटरनेट पर काफी देखने को मिलते हैं। लेकिन सिर्फ इस चाय को पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है। अगर इसे अधिक चीनी वाली चाय या मीठे पेय के स्थान पर बिना या बहुत कम चीनी के साथ लिया जाता है, तो यह कुल कैलोरी सेवन कम करने में मदद कर सकती है। वजन प्रबंधन के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और सही जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

क्या रोजाना अपराजिता फूल की चाय पी सकते हैं?
अगर कोई व्यक्ति स्वस्थ है और खाद्य उपयोग के लिए सुरक्षित अपराजिता फूल का सीमित मात्रा में सेवन करता है, तो इसे कभी-कभार या अपनी दिनचर्या के अनुसार हर्बल पेय के तौर पर लिया जा सकता है। लेकिन इसके रोजाना लंबे समय तक सेवन के लिए कोई सार्वभौमिक मात्रा तय नहीं है। किसी भी हर्बल पेय को जरूरत से ज्यादा पीना जरूरी नहीं है। खासकर अगर आप नियमित रूप से दवाएं लेते हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी हर्बल उत्पाद या सप्लीमेंट का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह छोटे बच्चों को देने से पहले भी चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है। अगर आप किसी बीमारी के लिए नियमित दवा लेते हैं, सर्जरी की तैयारी कर रहे हैं या किसी खास स्वास्थ्य स्थिति से जूझ रहे हैं, तो अपराजिता फूल की चाय को नियमित रूप से लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

अपराजिता चाय में नींबू डालना क्यों है खास?
अपराजिता चाय में नींबू डालने पर इसका रंग बदलना इसे खास बनाता है। अपराजिता फूल में मौजूद एंथोसायनिन जैसे प्राकृतिक पिगमेंट pH में बदलाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। नींबू की अम्लीय प्रकृति के कारण चाय का रंग नीले से बैंगनी या गुलाबी रंग की ओर बदल सकता है। यही वजह है कि यह चाय न सिर्फ पीने में अलग अनुभव देती है बल्कि देखने में भी काफी आकर्षक लगती है।
अपराजिता फूल की चाय पीने का सही तरीका
अगर आप इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं तो इसे कम चीनी या बिना चीनी के पीना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसे बहुत ज्यादा गाढ़ा बनाने की जरूरत नहीं है। एक कप चाय के लिए कुछ फूल पर्याप्त हो सकते हैं। साथ ही यह याद रखना जरूरी है कि कोई भी एक खाद्य पदार्थ या हर्बल ड्रिंक अकेले शरीर को पूरी तरह स्वस्थ नहीं रख सकता। अच्छी सेहत के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी जरूरी है।

अपराजिता फूल की चाय एक आकर्षक और कैफीन-फ्री हर्बल पेय हो सकती है, जिसे आप सामान्य चाय के विकल्प के तौर पर आजमा सकते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक पौधों के यौगिकों के कारण संभावित स्वास्थ्य लाभों की चर्चा जरूर होती है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या चमत्कारी हेल्थ ड्रिंक मानना सही नहीं है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और खान-पान से जुड़ी जानकारी के लिए है। अपराजिता फूल की चाय को किसी बीमारी के इलाज या दवा का विकल्प न समझें। हर्बल उत्पादों का प्रभाव व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकता है। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं, बच्चे, किसी बीमारी से पीड़ित लोग या नियमित दवा लेने वाले व्यक्ति इसके नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।

