By: Mala Mandal
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग ने SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने और मतदाता विवरण में सुधार के लिए दावा-आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी है। अब पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। यह इस प्रक्रिया की दूसरी और अंतिम समय सीमा बढ़ोतरी बताई गई है। इससे पहले दावा और आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 4 सितंबर थी, जिसे बढ़ाकर 15 सितंबर किया गया था। अब चुनाव आयोग ने एक बार फिर अतिरिक्त समय देते हुए अंतिम तारीख 30 सितंबर निर्धारित की है। वहीं संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 19 अक्टूबर 2026 ही रखी गई है।

क्यों बढ़ाई गई SIR की समय सीमा?
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, मतदाताओं की सुविधा, विभिन्न हितधारकों से प्राप्त अनुरोध और SIR के दौरान प्राप्त हो रहे Form-6, Form-7 और Form-8 आवेदनों की संख्या को देखते हुए दावा-आपत्ति की समय सीमा बढ़ाई गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पात्र भारतीय नागरिकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अपील की है। खासकर ऐसे नागरिक जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

30 सितंबर तक कौन-कौन कर सकता है आवेदन?
SIR की नई समय सीमा उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। चुनाव आयोग के मुताबिक, ऐसे पात्र भारतीय नागरिक जिनकी उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो रही है और जिनका नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे Form-6 के जरिए नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ECINET के माध्यम से ऑनलाइन या संबंधित Booth Level Officer यानी BLO के जरिए किया जा सकता है। इसके अलावा, मतदाता सूची में किसी नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने या निर्धारित आधार पर नाम हटाने की मांग के लिए Form-7 का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं नाम, पता या अन्य मतदाता विवरण में सुधार अथवा दूसरे मतदान केंद्र पर स्थानांतरण के लिए Form-8 का इस्तेमाल किया जाता है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में 43.61 लाख नाम कम
झारखंड में SIR के तहत 5 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। इससे पहले राज्य में करीब 2.64 करोड़ मतदाता दर्ज थे। SIR के बाद प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में करीब 2.21 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। इस तरह पुराने आंकड़े की तुलना में ड्राफ्ट सूची में 43,61,987 नाम कम हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट यानी ASDD श्रेणियों में रखे गए थे। इनमें 7,63,903 नाम मृत मतदाताओं के, 15,92,194 स्थानांतरित मतदाताओं के, 14,50,810 अनुपस्थित या पता नहीं चलने वाले मतदाताओं के और 68,283 डुप्लीकेट नामों के बताए गए हैं।इन आंकड़ों के बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया की अहमियत और बढ़ गई है। जिन नागरिकों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा दाखिल कर सकते हैं।

अब तक कितने Form जमा हुए?
SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने विभिन्न फॉर्म के जरिए आवेदन किया है। 14 सितंबर तक झारखंड में करीब 4.86 लाख Form-6, 5,689 Form-7 और लगभग 3.11 लाख Form-8 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई थी। इन आवेदनों के जरिए लोग मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने तथा अपने विवरण में सुधार की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, Form-7 दाखिल होने मात्र से किसी मतदाता का नाम अपने आप मतदाता सूची से नहीं हट जाता। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारी द्वारा जांच और सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है।

कांग्रेस ने समय बढ़ाने को बताया अपनी मेहनत का नतीजा
SIR की डेडलाइन बढ़ाए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे पार्टी की ओर से लगातार उठाई जा रही मांग का परिणाम बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड कांग्रेस के नेताओं ने दावा-आपत्ति की समय सीमा बढ़ाने के लिए चुनाव अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और SIR के राज्य संयोजक सूर्यकांत शुक्ला के अनुसार, पार्टी ने 11 सितंबर को समय सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया था। पार्टी का कहना था कि लोगों को दावा और आपत्ति दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, ताकि पात्र मतदाता प्रक्रिया से बाहर न रह जाएं। कांग्रेस की ओर से इसे अपनी मेहनत का नतीजा बताया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से समय सीमा बढ़ाने का आधिकारिक कारण विभिन्न हितधारकों से मिले अनुरोध और Form-6, Form-7 तथा Form-8 आवेदनों की संख्या बताया गया है। इसलिए कांग्रेस का यह बयान पार्टी का दावा है, जबकि डेडलाइन बढ़ाने का आधिकारिक आधार चुनाव आयोग ने अलग-अलग कारणों के साथ बताया है।

19 अक्टूबर को प्रकाशित होगी संशोधित मतदाता सूची
SIR की प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दाखिल करने की नई अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की गई है। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। पहले अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 7 अक्टूबर निर्धारित थी, लेकिन बाद में संशोधित कार्यक्रम के तहत इसे 19 अक्टूबर कर दिया गया था। अब दावा-आपत्ति के लिए दूसरी बार समय बढ़ाए जाने के बाद भी संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 19 अक्टूबर ही रखी गई है।

मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?
झारखंड के मतदाताओं के लिए अब सबसे जरूरी है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें। यदि नाम नहीं है, नाम में गलती है, पता बदल गया है या किसी नाम को लेकर आपत्ति है, तो संबंधित फॉर्म के जरिए 30 सितंबर से पहले आवेदन किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए Form-6, निर्धारित आधार पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए Form-7 और सुधार या स्थानांतरण के लिए Form-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध कराई गई व्यवस्था के अनुसार ये प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ संबंधित BLO के जरिए भी की जा सकती है।

झारखंड SIR में दावा और आपत्ति दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। यह दूसरी और अंतिम विस्तार है। ऐसे में जिन पात्र नागरिकों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है या जिन्हें अपने मतदाता विवरण में सुधार कराना है, उनके पास अब अतिरिक्त समय है। वहीं SIR की संशोधित मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

