By: Mala Mandal
देवघर। ऊपर बिलासी सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा को खास और आकर्षक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पूजा समिति द्वारा इस बार दक्षिण भारत के प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल में दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की झलक के साथ आकर्षक डिजाइन, बारीक नक्काशी और कलात्मक सजावट देखने को मिलेगी। समिति की कोशिश है कि तैयार होने के बाद यह पंडाल श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने।

पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी शिवम डेकोरेटर्स को दी गई है। समिति के अनुसार पंडाल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और दुर्गा पूजा को लेकर अन्य तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। पंडाल को इस तरह तैयार करने की योजना है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ दक्षिण भारतीय मंदिर की वास्तुकला और कलात्मकता की झलक भी देखने को मिले।
1972 से लगातार हो रहा दुर्गा पूजा का आयोजन
ऊपर बिलासी सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से वर्ष 1972 से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। समिति का कहना है कि पांच दशक से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा के कारण ऊपर बिलासी की दुर्गा पूजा का अपना अलग महत्व है। हर वर्ष पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। रविवार को पूजा समिति के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन प्रधान संरक्षक डॉ. सुनील खवाड़े ने किया। इस मौके पर पूजा समिति के सदस्यों और पूजा परिवार से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही। कार्यालय उद्घाटन के दौरान इस वर्ष होने वाले दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।

प्रधान संरक्षक डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि ऊपर बिलासी की दुर्गा पूजा का गौरवशाली इतिहास रहा है। वर्ष 1972 से लगातार यहां मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है। समिति हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और आकर्षक करने का प्रयास करती है। इसी क्रम में इस वर्ष दक्षिण भारत के प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूजा के दौरान भव्य पंडाल के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समिति की कोशिश है कि ऊपर बिलासी का पूजा पंडाल संथाल परगना के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो और यहां आने वाले श्रद्धालु इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखें।

साउथ के राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर तैयार होगा पंडाल
इस वर्ष ऊपर बिलासी में तैयार हो रहा पूजा पंडाल दक्षिण भारत के प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। पंडाल की डिजाइन में मंदिर की स्थापत्य शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके अलावा पंडाल में बारीक नक्काशी और आकर्षक सजावट का काम भी किया जाएगा। समिति के अनुसार, पंडाल निर्माण में डिजाइन और सजावट के साथ इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने की तैयारी की जा रही है। पंडाल के निर्माण के साथ-साथ पूजा समिति की ओर से अन्य तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। समिति के सदस्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

पंचमी पूजा से श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा पंडाल
समिति के अनुसार इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन 10 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक किया जाएगा। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पंचमी पूजा से ही पूजा पंडाल का पट खोल दिया जाएगा। इसके बाद पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। पूजा समिति की योजना है कि पंडाल निर्माण और सजावट का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि पंचमी से श्रद्धालुओं को भव्य पंडाल के दर्शन कराए जा सकें। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

उद्घाटन के मौके पर मौजूद रहे समिति के सदस्य
पूजा समिति के कार्यालय उद्घाटन के मौके पर शेष नाथ झा, अमियांशु दत्त, रामेश्वर चक्रवर्ती, नंदी फलाहारी, समीर नाथ खवाड़े, प्रेम नाथ खवाड़े, आशीष झा, सैंटू शृंगारी, मुकेश कुमार सिन्हा टोनी, अमित चक्रवर्ती, सुशील यादव, चंदन, गौरव, संतोष, उत्तम, अमित, मनु, राज कुमार, नमो नारायण खवाड़े, राजू झा और शुभम शांडिल्य सहित पूजा समिति के सदस्य व पूजा परिवार से जुड़े लोग मौजूद थे।

समिति के सदस्यों ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। पंडाल निर्माण के साथ अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप देने के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।

ऊपर बिलासी की दुर्गा पूजा लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था और सहभागिता से जुड़ी रही है। इस बार दक्षिण भारतीय राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर तैयार होने वाला पंडाल आयोजन को एक अलग स्वरूप देने की तैयारी में है। अब श्रद्धालुओं को पंडाल के निर्माण और सजावट का कार्य पूरा होने का इंतजार है। समिति को उम्मीद है कि तैयार होने के बाद पंडाल देवघर ही नहीं, बल्कि पूरे संथाल परगना में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

