By: Vikash Kumar (Vicky)

आज का पंचांग 24 सितंबर 2026: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखना विशेष महत्व रखता है। आज 24 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी और गुरुवार के दिन त्रयोदशी पड़ने के कारण गुरु प्रदोष व्रत रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर की रात 10:51 बजे से शुरू होकर 24 सितंबर की रात 11:18 बजे तक रहेगी।
आज भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, जबकि प्रदोष व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। ऐसे में आज श्रद्धालु व्रत, पूजा, शिव अभिषेक और विष्णु पूजन कर सकते हैं।

आज का पंचांग 24 सितंबर 2026
आज का दिन गुरुवार है और हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। त्रयोदशी तिथि रात 11:18 बजे तक रहने के बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। इसी वजह से आज गुरु प्रदोष व्रत का पालन किया जाएगा।
आज है गुरु प्रदोष व्रत
जब प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विशेष महत्व है। वहीं गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की आराधना भी की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखकर शाम के समय प्रदोष काल में शिव पूजा कर सकते हैं।

गुरु प्रदोष पूजा का शुभ समय
24 सितंबर को प्रदोष काल शाम 5:16 बजे से शाम 7:16 बजे तक बताया गया है। इसी अवधि में भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है। प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप किया जा सकता है।
गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा
आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा भी की जा सकती है। सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु का ध्यान करें। इसके बाद पीले फूल, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा सामग्री अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

रवि योग में क्या करें
आज रवि योग का उल्लेख भी पंचांग संबंधी गणनाओं में किया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में रवि योग को शुभ योगों में गिना जाता है। ऐसे योग में पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य और शुभ संकल्प करने की परंपरा है। हालांकि किसी भी नए कार्य के लिए स्थानीय पंचांग में दिए गए समय को देखना उचित रहता है।
आज का राहुकाल
राहुकाल को हिंदू ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए टालने की सलाह दी जाती है। राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए अपने शहर के स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर राहुकाल देखना बेहतर रहेगा। खासकर किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले स्थानीय पंचांग का समय जरूर जांचें।

आज का शुभ मुहूर्त
आज किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त तय करते समय तिथि, वार, नक्षत्र, योग और अपने स्थान के सूर्योदय-सूर्यास्त का ध्यान रखना चाहिए। अलग-अलग शहरों में पंचांग के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या किसी बड़े शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य ज्योतिषाचार्य से मुहूर्त की पुष्टि करना उचित है।
गुरु प्रदोष पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा
प्रदोष व्रत रखने वाले भक्त सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प ले सकते हैं। पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करते हुए शाम के प्रदोष काल में पूजा की जाती है। पूजा स्थान को साफ करके शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, बेलपत्र, फूल और फल अर्पित किए जा सकते हैं। भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने के बाद प्रदोष व्रत कथा पढ़ना और आरती करना धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

आज शिव पूजा में क्या अर्पित करें
गुरु प्रदोष के दिन भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, फूल और फल अर्पित किए जा सकते हैं। बेलपत्र चढ़ाते समय श्रद्धालु भगवान शिव का ध्यान और मंत्र जाप कर सकते हैं। पूजा में अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार सामग्री का उपयोग करना पर्याप्त माना जाता है।
पंचक को लेकर क्या ध्यान रखें
पंचक की गणना चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्रों के आधार पर होती है। पंचक का समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार जांचा जाना चाहिए। इसलिए आज पंचक की स्थिति और उसके समाप्त होने का समय जानने के लिए अपने क्षेत्र के विश्वसनीय पंचांग से मिलान करना उचित रहेगा।
आज का धार्मिक महत्व
24 सितंबर का दिन गुरु प्रदोष व्रत के कारण धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष अवसर बनता है। श्रद्धालु आज अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत, पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य कर सकते हैं।
आज क्या करें
आज सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव का ध्यान करें। यदि व्रत रख रहे हैं तो अपनी स्वास्थ्य क्षमता के अनुसार व्रत का पालन करें। शाम को प्रदोष काल में शिव पूजा करें और बेलपत्र तथा जल अर्पित करें। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान देना भी धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है।

आज क्या न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दिन मन, वचन और कर्म से संयम रखना अच्छा माना जाता है। पूजा के दौरान जल्दबाजी न करें और अपनी परंपरा के अनुसार ही व्रत के नियमों का पालन करें। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कठोर उपवास करने से बचें और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सलाह लें।
24 सितंबर 2026 पंचांग एक नजर में
दिन: गुरुवार
तिथि: भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
विशेष व्रत: गुरु प्रदोष व्रत
प्रदोष काल: शाम 5:16 बजे से 7:16 बजे तक
त्रयोदशी तिथि समाप्ति: रात 11:18 बजे
विशेष पूजा: भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान विष्णु

विशेष अवसर: गुरु प्रदोष व्रत
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और अन्य समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग पर आधारित है। अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार तिथि, मुहूर्त तथा अन्य समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसे निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में न लें। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मुहूर्त के लिए योग्य विद्वान या ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना उचित है।

