By: Mala Mandal
देवघर: जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को सारवां क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी और निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जांच में अनमोल आइस एंड आइसक्रीम में एक्सपायरी आइसक्रीम फ्लेवर की 13 बोतलें मिलीं, जबकि सौम्या स्वीट्स में माज़ाकोल्ड ड्रिंक की 20 बोतलें समाप्ति तिथि के बाद की पाई गईं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों में मिले एक्सपायरी उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। वहीं, मिठाई दुकानों में जलेबी, बालूशाही और गजिया समेत विभिन्न मिठाई उत्पादों की भी जांच की गई। चौधरी स्वीट्स में जलेबी और बालूशाही में कृत्रिम खाद्य रंग पाए जाने के संबंध में कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षित बनाना और उपभोक्ताओं को मिलावटी, दूषित अथवा एक्सपायरी खाद्य सामग्री से बचाना है।

सारवां की कई दुकानों में हुई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सारवां क्षेत्र में स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दायरे में गोरस आइसक्रीम, अनमोल आइस एंड आइसक्रीम, जय माता दी स्वीट्स, चौधरी स्वीट्स और सौम्या स्वीट्स सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठान शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी निर्माण एवं समाप्ति तिथि, स्वच्छता की स्थिति और खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन की जांच की गई। खाद्य कारोबारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि दुकानों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री ही बिक्री के लिए रखी जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। त्योहारों और सामान्य दिनों में मिठाई, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक तथा अन्य खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी वैधता की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

अनमोल आइस एंड आइसक्रीम में मिलीं एक्सपायरी फ्लेवर की 13 बोतलें
जांच के दौरान अनमोल आइस एंड आइसक्रीम प्रतिष्ठान में आइसक्रीम फ्लेवर की 13 बोतलें समाप्ति तिथि के बाद की पाई गईं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इन उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। खाद्य पदार्थों की समाप्ति तिथि बीत जाने के बाद उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसलिए खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रखे सभी उत्पादों की नियमित जांच करें और एक्सपायरी सामग्री को बिक्री या इस्तेमाल से अलग रखें। आइसक्रीम और उससे संबंधित उत्पादों के मामले में गुणवत्ता के साथ-साथ उचित भंडारण भी महत्वपूर्ण होता है। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उत्पादों की वैधता पर ध्यान दें और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न करें।

सौम्या स्वीट्स में 20 बोतल एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान सौम्या स्वीट्स में माज़ाकोल्ड ड्रिंक की 20 बोतलें एक्सपायरी पाई गईं। विभाग की टीम ने खाद्य कारोबार संचालक की सहमति से इन बोतलों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। कोल्ड ड्रिंक और अन्य पैकबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी समाप्ति तिथि देखना आवश्यक है। दुकानदारों को भी चाहिए कि वे अपने स्टॉक की समय-समय पर जांच करें और समाप्ति तिथि पार कर चुके उत्पादों को बिक्री के लिए न रखें। खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक्सपायरी उत्पाद मिलने के मामलों में संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

मिठाइयों की गुणवत्ता की भी हुई जांच
सारवां क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जय माता दी स्वीट्स, चौधरी स्वीट्स और सौम्या स्वीट्स में जलेबी, बालूशाही और गजिया समेत विभिन्न मिठाई उत्पादों की जांच की गई। मिठाइयों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान चौधरी स्वीट्स में जलेबी और बालूशाही में कृत्रिम खाद्य रंग पाए जाने के संबंध में कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए। मिठाइयों में रंगों का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप होना चाहिए। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंगों की गुणवत्ता और उनकी स्वीकार्यता महत्वपूर्ण है। खाद्य कारोबारियों को केवल अनुमत खाद्य रंगों का निर्धारित मानकों के अनुसार इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी खाद्य पदार्थ को आकर्षक दिखाने के लिए ऐसे रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जो खाद्य सुरक्षा नियमों के विरुद्ध हों। हालांकि, विभाग की ओर से उपलब्ध जानकारी में प्रयोगशाला जांच के परिणाम या कृत्रिम रंगों के प्रकार का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई से संबंधित निष्कर्ष आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

खाद्य कारोबारियों को नोटिस, नियमों का पालन करने का निर्देश
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किए। एक्सपायरी उत्पाद मिलने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन से जुड़े मामलों में विभाग ने आवश्यक कार्रवाई की। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में रखे खाद्य पदार्थों की निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि की नियमित जांच करें। इसके साथ ही वैध खाद्य लाइसेंस के साथ कारोबार करने और खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।दुकानों में खाद्य सामग्री का उचित भंडारण, साफ-सफाई और सुरक्षित तरीके से खाद्य पदार्थों का रखरखाव भी जरूरी है। कारोबारियों को चाहिए कि वे नियमित रूप से अपने स्टॉक की समीक्षा करें, ताकि एक्सपायरी उत्पाद गलती से भी ग्राहकों तक नहीं पहुंचें। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कदम उठाना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में जागरूकता बढ़ाना और बाजार में सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है।

आम लोगों से भी की गई अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी समाप्ति तिथि अवश्य जांचें। पैकबंद खाद्य सामग्री खरीदने से पहले पैकेट पर अंकित निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और अन्य आवश्यक विवरणों को ध्यान से पढ़ें। यदि किसी उत्पाद की समाप्ति तिथि बीत चुकी है या उसकी पैकेजिंग संदिग्ध है, तो उसे खरीदने और इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसी तरह मिठाई और अन्य खुले खाद्य पदार्थ खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के रखरखाव पर भी ध्यान देना चाहिए।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर उपभोक्ता संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दे सकते हैं। जागरूक उपभोक्ता और नियमों का पालन करने वाले कारोबारी मिलकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस निरीक्षण अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी शैलेश कुमार यादव और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अंजलि विवा मिंज शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।


