By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 30 October 2026: आज 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, नए व्यापार की शुरुआत, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यक्रम की योजना बनाने से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त की जाती है। मान्यता है कि शुभ समय में कार्य आरंभ करने से सकारात्मकता और मंगल की कामना की जाती है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो शाम तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा और सुख-समृद्धि की कामना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में अगर आप आज कोई नया काम शुरू करने, पूजा करने या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर नोट कर लें। आज के पंचांग में राहुकाल का समय विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचा जाता है। वहीं अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को सामान्य रूप से अनुकूल समय माना जाता है।
आइए जानते हैं 30 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, राहुकाल, नक्षत्र, अमृत चौघड़िया, ब्रह्म मुहूर्त और पूजा के शुभ समय की पूरी जानकारी।

आज का पंचांग 30 अक्टूबर 2026: मुख्य विवरण
दिन: शुक्रवार
तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी, शाम 7 बजकर 25 मिनट तक; इसके बाद षष्ठी तिथि
मास: कार्तिक (पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
नक्षत्र: मृगशीर्ष, सुबह 9 बजकर 4 मिनट तक; इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र
योग: शिव योग, रात 8 बजकर 41 मिनट तक
करण: कौलव, सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्योदय: सुबह 5 बजकर 48 मिनट
सूर्यास्त: शाम 5 बजकर 4 मिनट
चंद्रोदय: रात लगभग 8 बजकर 48 मिनट
चंद्रास्त: सुबह लगभग 10 बजकर 11 मिनट
ये समय देवघर, झारखंड के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और अन्य मुहूर्त के समय में अंतर हो सकता है।

आज राहुकाल कब है? नोट कर लें अशुभ समय
पंचांग के अनुसार राहुकाल को पारंपरिक ज्योतिष में अशुभ अवधि माना जाता है। इस समय विशेष रूप से नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
आज 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को देवघर के स्थानीय पंचांग के अनुसार राहुकाल सुबह 10 बजकर 2 मिनट से 11 बजकर 26 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल का समय: सुबह 10:02 बजे से 11:26 बजे तक।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह संबंधी शुभ कार्य, नए कारोबार का उद्घाटन या किसी महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य का शुभारंभ टालना बेहतर माना जाता है। हालांकि, पहले से चल रहे नियमित कार्यों को रोकना आवश्यक नहीं माना जाता।
ध्यान रखें कि राहुकाल के समय में शहर के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि कर लें।

आज का अमृत चौघड़िया: किस समय करना शुभ रहेगा काम?
हिंदू पंचांग में चौघड़िया का उपयोग दिन और रात के अलग-अलग समय की शुभता जानने के लिए किया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को अनुकूल माना जाता है। चर चौघड़िया को सामान्यतः यात्रा और आवागमन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
देवघर के अनुसार आज दिन के चौघड़िया का समय इस प्रकार है।
चर चौघड़िया: सुबह 5:48 बजे से 7:13 बजे तक।
लाभ चौघड़िया: सुबह 7:13 बजे से 8:37 बजे तक।
अमृत चौघड़िया: सुबह 8:37 बजे से 10:02 बजे तक।
काल चौघड़िया: सुबह 10:02 बजे से 11:26 बजे तक।
शुभ चौघड़िया: सुबह 11:26 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक।
रोग चौघड़िया: दोपहर 12:51 बजे से 2:15 बजे तक।
उद्वेग चौघड़िया: दोपहर 2:15 बजे से 3:40 बजे तक।
चर चौघड़िया: दोपहर 3:40 बजे से शाम 5:04 बजे तक।
इन समयों में अमृत, लाभ और शुभ चौघड़िया को पारंपरिक रूप से अनुकूल माना जाता है। किसी विशेष संस्कार या मांगलिक आयोजन के लिए केवल चौघड़िया ही नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र और संबंधित मुहूर्त भी देखना चाहिए।

आज का शुभ मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त से अभिजीत मुहूर्त तक
धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए शुभ समय जानना कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है। आज के पंचांग में कुछ प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:07 बजे से 4:58 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:04 बजे से 11:49 बजे तक।
विजय मुहूर्त: सुबह 11:04 बजे से 11:49 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 4:40 बजे से 5:28 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम 5:04 बजे से 6:34 बजे तक।
निशिता काल: रात 11:01 बजे से 11:52 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान, मंत्र जाप और अध्ययन करना पारंपरिक रूप से अच्छा माना जाता है। गोधूलि बेला में दीप प्रज्वलित करना और संध्या पूजा करना भी कई परिवारों की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।
अभिजीत मुहूर्त को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन किसी विशेष मांगलिक आयोजन के लिए स्थानीय पंचांग और संबंधित धार्मिक नियमों की पुष्टि करना उचित रहेगा।

आज का नक्षत्र: सुबह तक मृगशीर्ष, फिर आर्द्रा
आज सुबह 9 बजकर 4 मिनट तक मृगशीर्ष नक्षत्र रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं में मृगशीर्ष नक्षत्र को खोज, जिज्ञासा, सीखने और नए विचारों से जोड़ा जाता है। वहीं आर्द्रा नक्षत्र को परिवर्तन, गहन विचार और परिस्थितियों को समझने से संबंधित माना जाता है। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण काम करने की योजना बना रहे हैं, तो नक्षत्र के साथ तिथि, योग और संबंधित मुहूर्त पर भी ध्यान दें। केवल नक्षत्र के आधार पर किसी काम की सफलता या असफलता निश्चित नहीं मानी जा सकती।

आज शुक्रवार को कैसे करें माता लक्ष्मी की पूजा?
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है।
सुबह स्नान के बाद घर के पूजा स्थल को स्वच्छ करें। माता लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं और फूल अर्पित करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप या लक्ष्मी चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
पूजा के दौरान परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता की कामना करें। घर को साफ-सुथरा रखना, जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और धन का सोच-समझकर उपयोग करना भी अच्छे जीवन मूल्यों का हिस्सा है।
पूजा के लिए ऐसा समय चुनें, जब आप शांत मन से आराधना कर सकें। किसी विशेष व्रत या अनुष्ठान का पालन करने से पहले उसकी परंपरा और विधि की जानकारी अवश्य लें।

आज के दिन किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। हालांकि, जरूरी दैनिक कार्यों को रोकने की आवश्यकता नहीं है।
आज आर्थिक लेन-देन करते समय हिसाब-किताब स्पष्ट रखें। किसी भी बड़े निवेश या व्यावसायिक समझौते से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
परिवार में बातचीत के दौरान संयम बनाए रखें। छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करने के बजाय आपसी समझ बढ़ाने का प्रयास करें।
पूजा-पाठ करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का ध्यान रखें। यदि आप किसी विशेष धार्मिक आयोजन की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले से शुभ मुहूर्त की पुष्टि कर लें।

आज के पंचांग से जुड़ी जरूरी जानकारी
30 अक्टूबर 2026 को कार्तिक कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि शाम 7:25 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ होगी। शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा के लिए दिन को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज राहुकाल सुबह 10:02 बजे से 11:26 बजे तक रहेगा। अमृत चौघड़िया सुबह 8:37 बजे से 10:02 बजे तक और शुभ चौघड़िया सुबह 11:26 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा।

यदि आप आज पूजा, नए काम की शुरुआत या किसी मांगलिक कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं, तो इन समयों को ध्यान में रख सकते हैं। हालांकि, सटीक मुहूर्त के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग और संबंधित धार्मिक परंपरा को प्राथमिकता दें।

इस लेख में दी गई जानकारी पारंपरिक हिंदू पंचांग और धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। शुभ-अशुभ समय की मान्यता धार्मिक परंपराओं से संबंधित है और इसे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। पंचांग के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी विशेष पूजा, संस्कार या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य पुरोहित से पुष्टि कर लें।

