
By: Mala Mandal
देवघर। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई निर्माण से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। अस्वच्छ माहौल में लड्डू तैयार करने के मामले में बबलू केशरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जांच के दौरान करीब 10 लीटर चाशनी को नष्ट कराया गया। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले कई अन्य प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी किया गया है।

अस्वच्छ वातावरण में लड्डू बनाने पर विभाग सख्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान बबलू केशरी के प्रतिष्ठान में मिठाई निर्माण की व्यवस्था में स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों को तैयार करने के दौरान साफ-सफाई और निर्धारित मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद अस्वच्छ माहौल में लड्डू बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया।

खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री तैयार करने, रखने और बेचने के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखना अनिवार्य है। मिठाई जैसी खाद्य सामग्री में थोड़ी सी लापरवाही भी उपभोक्ताओं की सेहत पर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया।

10 लीटर चाशनी मौके पर कराई गई नष्ट
निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने करीब 10 लीटर चाशनी को भी नष्ट कराया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी निर्माण प्रक्रिया की जांच के दौरान जिन सामग्रियों को इस्तेमाल के लिए उपयुक्त नहीं माना गया, उनके संबंध में विभाग ने कार्रवाई की।मिठाइयों को तैयार करने में चाशनी का महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षित भंडारण का ध्यान रखना आवश्यक है। चाशनी या अन्य खाद्य सामग्री को अस्वच्छ तरीके से रखने पर उसके दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए खाद्य कारोबारियों को निर्माण से लेकर बिक्री तक हर स्तर पर स्वच्छता के नियमों का पालन करना चाहिए।

कई प्रतिष्ठानों को नोटिस, सुधार करने का निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल एक प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं रही। निरीक्षण के दौरान कई अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भी कमियां पाए जाने पर संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग की ओर से कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य कारोबार संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए वैध खाद्य लाइसेंस रखना, साफ-सुथरा परिसर बनाए रखना, सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करना और खाद्य सामग्री को उचित तरीके से संग्रहित करना जरूरी है। इसके अलावा कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य पदार्थों को ढककर रखने जैसे नियमों का भी पालन करना होता है।

विभाग की कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों को अब लापरवाही की छूट नहीं मिलेगी। नोटिस मिलने वाले प्रतिष्ठानों को निर्धारित कमियों को दूर करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
मिठाई खरीदते समय उपभोक्ता भी बरतें सावधानी
देवघर में हुई इस कार्रवाई के बाद मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। अक्सर त्योहारों और विशेष अवसरों पर बाजार में मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। अधिक मांग के कारण कुछ कारोबारी उत्पादन बढ़ाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यदि साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाए तो खाद्य पदार्थों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री को रखने के तरीके और उसकी ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। खुले में रखी गई, धूल-मिट्टी के संपर्क में आने वाली या असामान्य रंग और गंध वाली मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए। पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण और एक्सपायरी की तारीख भी जरूर देखनी चाहिए।

खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करना कारोबारियों की जिम्मेदारी
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। इसके लिए प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई, उचित भंडारण, सुरक्षित पानी और खाद्य पदार्थों को तैयार करने की स्वच्छ व्यवस्था जरूरी है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस, जुर्माना और लाइसेंस से संबंधित कार्रवाई की जा सकती है। खाद्य लाइसेंस का निलंबन भी इसी व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाना है। मिठाई, नमकीन, होटल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित जांच से कारोबारियों को नियमों के प्रति जवाबदेह बनाया जा सकता है। बबलू केशरी का खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जाने, 10 लीटर चाशनी नष्ट कराने और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।

अब देखना होगा कि नोटिस प्राप्त करने वाले प्रतिष्ठान निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी व्यवस्था में कितना सुधार करते हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की जांच और कार्रवाई पर भी लोगों की नजर रहेगी।

कुल मिलाकर देवघर में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि आम जनता की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करानी होगी।

