
By:Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 5 November 2026: आज 5 नवंबर 2026, दिन गुरुवार है। हिंदू धर्म में आज का दिन बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रमा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और भक्तों को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज वैधृति योग का संयोग भी बन रहा है। एकादशी तिथि सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसे में श्रद्धालु सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प ले सकते हैं और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। अगर आप भी आज पूजा-पाठ, व्रत या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त और अशुभ समय की जानकारी जरूर जान लें। आइए जानते हैं 5 नवंबर 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग, करण और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

आज का पंचांग 5 नवंबर 2026 (Aaj Ka Panchang 5 November 2026)
दिन: गुरुवार
तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी, सुबह 10:35 बजे तक, इसके बाद द्वादशी
माह: कार्तिक मास (पूर्णिमांत)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, अगले दिन सुबह लगभग 3:55 बजे तक
योग: वैधृति योग
करण: बालव, सुबह 10:35 बजे तक, इसके बाद कौलव
वार: गुरुवार
ऋतु: हेमंत
अयन: दक्षिणायन
व्रत एवं त्योहार: रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी

रमा एकादशी 2026 का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में रमा एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रमा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत करने और भगवान विष्णु की आराधना करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, वे सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लेते हैं। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित किया जाता है। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम, भगवान विष्णु की आरती और एकादशी व्रत कथा का पाठ करना शुभ माना जाता है।

आज का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat 5 November 2026)
आज गुरुवार को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं। पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह लगभग 4:16 बजे से 5:08 बजे तक (पटना के अनुसार)
अभिजीत मुहूर्त: सुबह लगभग 11:10 बजे से 11:55 बजे तक (पटना के अनुसार)
विजय मुहूर्त: दोपहर लगभग 1:23 बजे से 2:08 बजे तक (पटना के अनुसार)
गोधूलि मुहूर्त: शाम लगभग 5:05 बजे से 5:31 बजे तक (पटना के अनुसार)
अमृत काल: रात लगभग 8:36 बजे से 10:14 बजे तक (पटना के अनुसार)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्य करना अच्छा माना जाता है। हालांकि किसी विशेष मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और ज्योतिषीय सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आज का राहुकाल (Rahu Kaal 5 November 2026)
गुरुवार के दिन राहुकाल दोपहर के समय पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में किसी नए या महत्वपूर्ण शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
पटना में राहुकाल: दोपहर 12:56 बजे से 2:19 बजे तक।
इस समय के दौरान नए व्यवसाय की शुरुआत, महत्वपूर्ण सौदे या अन्य शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक गतिविधियां की जा सकती हैं।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त का विशेष महत्व होता है। इसी के आधार पर कई धार्मिक कार्यों और व्रतों का समय निर्धारित किया जाता है।
सूर्योदय: सुबह लगभग 5:59 बजे
सूर्यास्त: शाम लगभग 5:05 बजे
चंद्रोदय: रात लगभग 2:14 बजे
चंद्रास्त: दोपहर लगभग 2:29 बजे
ये समय पटना के स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं। अलग-अलग शहरों में भौगोलिक स्थिति के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है।

आज का वैधृति योग क्यों है खास?
आज 5 नवंबर को वैधृति योग का संयोग बन रहा है। हिंदू ज्योतिष में वैधृति योग को 27 योगों में से एक माना गया है। पंचांग के अनुसार आज यह योग अगले दिन सुबह लगभग 5:09 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में वैधृति योग को सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इसलिए इस योग में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के मुहूर्त का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण अपनी श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है।

आज गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा कैसे करें?
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। आज रमा एकादशी होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।
1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
3. भगवान को पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।
4. घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
5. रमा एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
6. अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें।
धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-शांति बनी रहती है।

रमा एकादशी व्रत का पारण कब करें?
एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व होता है। पारण का अर्थ है व्रत खोलना। सामान्य रूप से एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित शुभ समय के अनुसार किया जाता है।
5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसके अगले दिन 6 नवंबर को द्वादशी तिथि में पारण किया जाएगा। पटना के पंचांग के अनुसार पारण का समय सुबह लगभग 6 बजे से 10:30 बजे तक बताया गया है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण का सही समय देखना चाहिए।

5 नवंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज रमा एकादशी का व्रत, वैधृति योग और गोवत्स द्वादशी का संयोग है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है। अगर आप आज व्रत रख रहे हैं, तो एकादशी के नियमों का पालन करें और द्वादशी तिथि में उचित समय पर पारण करें।
इस लेख में दी गई पंचांग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक जानकारियां पारंपरिक हिंदू पंचांग एवं धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और शुभ मुहूर्त का समय शहर के अनुसार बदल सकता है। पूजा, व्रत और पारण के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य करें।

