By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 2 November 2026: आज 2 नवंबर 2026, दिन सोमवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने और विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आज के दिन अष्टमी तिथि दोपहर तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा। वहीं आज आश्लेषा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग बन रहा है। ऐसे में धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए दिन का विशेष महत्व माना जा रहा है। अगर आप आज कोई नया काम शुरू करने, पूजा-पाठ करने या शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल जरूर जान लें। आइए जानते हैं 2 नवंबर 2026 का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय।

2 नवंबर 2026 का पंचांग (Aaj Ka Panchang)
आज सोमवार के दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। आज सूर्योदय के समय चंद्रमा कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। दिन में शुभ योग का प्रभाव रहेगा, जो दोपहर के बाद शुक्ल योग में परिवर्तित हो जाएगा।
दिन: सोमवार
तारीख: 2 नवंबर 2026
मास: कार्तिक (पूर्णिमांत)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: अष्टमी, दोपहर 1:11 बजे तक, इसके बाद नवमी
नक्षत्र: आश्लेषा, 3 नवंबर की सुबह 3:46 बजे तक
योग: शुभ योग, दोपहर 12:06 बजे तक, इसके बाद शुक्ल योग
करण: कौलव, दोपहर 1:11 बजे तक, इसके बाद तैतिल
वार: सोमवार
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: तुला
ऋतु: शरद
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948

आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
धार्मिक कार्यों और शुभ मुहूर्त की गणना में सूर्योदय और सूर्यास्त का विशेष महत्व होता है। आज 2 नवंबर को देवघर के अनुसार सूर्योदय सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 2 मिनट पर होगा।
सूर्योदय: सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:02 बजे
चंद्रोदय: रात 12:07 बजे (3 नवंबर)
चंद्रास्त: दोपहर 12:43 बजे

आज का शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat 2 November 2026)
आज सोमवार को पूजा-पाठ, ध्यान और धार्मिक कार्यों के लिए कई शुभ समय उपलब्ध हैं। अगर आप कोई महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य करना चाहते हैं, तो इन मुहूर्तों का ध्यान रख सकते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:08 बजे से 4:59 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:04 बजे से 11:49 बजे तक
विजय मुहूर्त: सुबह 11:04 बजे से 11:49 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 4:38 बजे से 5:26 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 5:02 बजे से 6:32 बजे तक
निशिता काल: रात 11:01 बजे से 11:52 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जाप करना विशेष फलदायी माना गया है।

आज राहुकाल कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा?
हिंदू धर्म में राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए किसी नए व्यवसाय की शुरुआत, शुभ यात्रा या महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाते समय राहुकाल का ध्यान रखना चाहिए।
राहुकाल: सुबह 7:14 बजे से 8:38 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 10:02 बजे से 11:26 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:50 बजे से 2:14 बजे तक
दिशाशूल: पूर्व दिशा
सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि इस दिशा में यात्रा करना जरूरी हो, तो परंपरागत उपाय करने की सलाह दी जाती है।

सोमवार को भगवान शिव की पूजा का क्या है महत्व?
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महादेव की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। विशेष रूप से कार्तिक मास में शिव पूजा और जलाभिषेक का महत्व बताया गया है।
आज सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव के सामने दीपक जलाकर पूजा करें। शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ा सकते हैं।
पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी श्रद्धापूर्वक कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि शिवलिंग पर अर्पित की जाने वाली सामग्री स्वच्छ होनी चाहिए और पूजा करते समय अपनी श्रद्धा तथा स्थानीय धार्मिक परंपराओं का पालन करना चाहिए।

आज का धार्मिक महत्व और शुभ संयोग
2 नवंबर को सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। साथ ही कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और शुभ योग का संयोग बन रहा है। शुभ योग दोपहर 12:06 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ योग में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्य करना अच्छा माना जाता है। सोमवार को भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख और परिवार में शांति की कामना की जाती है।
आज के दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, अन्न और वस्त्र का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। हालांकि किसी भी शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना बेहतर रहता है।

आज के पंचांग से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQ)
1. 2 नवंबर 2026 को कौन-सी तिथि है?
आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो दोपहर 1:11 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी।
2. 2 नवंबर 2026 को कौन-सा वार है?
आज सोमवार है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।
3. आज राहुकाल कितने बजे है?
देवघर के अनुसार आज राहुकाल सुबह 7:14 बजे से 8:38 बजे तक रहेगा।
4. आज अभिजीत मुहूर्त कब है?
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:04 बजे से 11:49 बजे तक रहेगा।

5. आज कौन-सा नक्षत्र है?
आज आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, जो 3 नवंबर की सुबह 3:46 बजे तक है। इसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा।
6. आज भगवान शिव की पूजा कैसे करें?
सोमवार को सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। बेलपत्र और फूल अर्पित करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
आज 2 नवंबर 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सोमवार, कार्तिक कृष्ण अष्टमी और शुभ योग का संयोग होने के कारण भगवान शिव की आराधना के लिए दिन विशेष माना जा रहा है। आज पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करके भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना कर सकते हैं। किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से पहले राहुकाल और शुभ मुहूर्त का ध्यान जरूर रखें।

इस लेख में दी गई पंचांग संबंधी जानकारी धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग शहरों में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। यहां दिए गए समय देवघर, झारखंड के अनुसार हैं। धार्मिक अनुष्ठान करने से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।


