
By: Vikash Kumar (Vicky)
रांची/खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में चार महिलाओं और तीन बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। इस हृदयविदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए हादसे में घायल व्यक्ति के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 6 नवंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने खूंटी में हुए हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खूंटी सड़क हादसे को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरी पीड़ा व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि खूंटी, झारखंड में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से भी शोक संदेश सामने आ रहे हैं।

कैसे हुआ खूंटी में इतना बड़ा हादसा?
जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक दुर्घटना खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में कर्रा-तोरपा मुख्य मार्ग पर जोने-लुदरू मोड़ के पास गुरुवार रात हुई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे एक स्कूटी सवार दुर्घटनाग्रस्त होकर झाड़ियों के पास चला गया था। उसे मदद पहुंचाने के लिए आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। इस दौरान कुछ महिलाएं और बच्चे भी वहां पहुंच गए। लोग स्कूटी सवार की मदद करने और उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच तोरपा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा एक भारी ट्रेलर ट्रक वहां पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की रफ्तार इतनी तेज बताई जा रही है कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

चार महिलाओं और तीन बच्चों की दर्दनाक मौत
इस भीषण सड़क दुर्घटना में कुल सात लोगों की मौत हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में छह लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। दुर्घटना में एक बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। उसे इलाज के लिए खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। एक ही इलाके के कई परिवारों पर इस हादसे ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। जिन घरों में कुछ देर पहले तक सामान्य दिनचर्या चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। बच्चों की मौत से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक है।

हादसे के बाद चालक और सहायक फरार
घटना के बाद ट्रक चालक और उसका सहायक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार चालक और सहायक की तलाश की जा रही है। खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग के अनुसार, ट्रक एक मोड़ से गुजरते समय लोगों को अपनी चपेट में ले गया। प्रारंभिक जानकारी में अंधेरे और मोड़ के कारण चालक को सड़क पर मौजूद लोग दिखाई नहीं देने की आशंका जताई गई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय ट्रक की गति कितनी थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण क्यों खोया।

ग्रामीणों में आक्रोश, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीणों की मांग है कि फरार चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाए और घायल व्यक्ति के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा दुर्घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर लगाने और सड़क पर नियमित पुलिस निगरानी की मांग भी उठाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बन सकती है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी जताया दुख
खूंटी हादसे पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने घायल के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। राज्य और केंद्र स्तर से शोक संदेश सामने आने के बाद इस घटना की गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार ट्रक चालक और उसके सहायक को पकड़ना तथा दुर्घटना के कारणों का पता लगाना है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
खूंटी की यह दुर्घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत को सामने लाती है। रात के समय भारी वाहनों की गति, खतरनाक मोड़, पर्याप्त रोशनी और सड़क किनारे सुरक्षा इंतजाम जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटनास्थलों पर मदद के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी सड़क पर खड़े रहने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं वाहन चालकों की जिम्मेदारी है कि वे गति सीमा का पालन करें और मोड़ पर वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता रखें।

फिलहाल खूंटी हादसे में सात लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

