By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 12 June 2026: शुक्रवार, 12 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। शुक्रवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिससे पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

मान्यता है कि प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन करने पर जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जो लोग विवाह, संतान, करियर या आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है।
आज की तिथि और वार
आज शुक्रवार, 12 जून 2026 है। पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रभाव रहेगा। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रदोष व्रत होने के कारण शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
आज का शुभ योग
आज ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति शुभ परिणाम देने वाली मानी जा रही है। पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य के लिए दिन अनुकूल रहेगा। आध्यात्मिक साधना करने वालों के लिए भी यह समय विशेष फलदायी माना जा रहा है।

शिव पूजा का शुभ समय
प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। सूर्यास्त के बाद का समय शिव आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शहद और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायक माना गया है।
राहुकाल का समय
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना गया है। इस दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद ही करना बेहतर माना जाता है।

अभिजीत मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त भी उपलब्ध रहेगा। यह समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य, निवेश, व्यापारिक निर्णय या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
शुक्रवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही धन, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होने की मान्यता भी है।
कहा जाता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से प्रदोष व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाएं, आर्थिक संकट और पारिवारिक कलह दूर होने की मान्यता है।

आज करें ये उपाय
प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल और गंगाजल अर्पित करें।
बेलपत्र पर ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर भगवान शिव को अर्पित करें।
शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें।
जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करें।
शाम के समय दीपक जलाकर शिव मंदिर में दर्शन करें।

12 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुक्र प्रदोष व्रत, शुभ योग और शिव आराधना का यह विशेष संयोग भक्तों के लिए पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ अवसर लेकर आया है। विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने से जीवन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

