By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Baby Egg Feeding Tips: शिशु के खानपान को लेकर माता-पिता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर बच्चे को अंडा कब से खिलाना शुरू करना चाहिए? क्या 6 महीने के बाद अंडा देना सुरक्षित है? कहीं इससे एलर्जी तो नहीं होगी? ऐसे कई सवाल हर नए माता-पिता के मन में आते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर बच्चे के आहार में अंडा शामिल करना उसकी ग्रोथ, दिमाग के विकास और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। हाल के वर्षों में हुए कई शोधों से यह भी संकेत मिला है कि उचित समय पर अंडे जैसे एलर्जेनिक फूड की शुरुआत करने से कुछ बच्चों में फूड एलर्जी का खतरा कम हो सकता है।

किस उम्र से बच्चे को अंडा खिलाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब बच्चा लगभग 6 महीने का हो जाए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ठोस आहार (Solid Foods) शुरू कर चुका हो, तब अंडा धीरे-धीरे उसकी डाइट में शामिल किया जा सकता है। कुछ अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाएं 4 से 6 महीने के बीच, बच्चे की विकास अवस्था और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अंडा शुरू करने की बात भी कहती हैं, लेकिन अधिकांश बच्चों के लिए 6 महीने के आसपास शुरुआत करना सामान्य माना जाता है।

पहली बार अंडा कैसे खिलाएं?
बच्चे को पहली बार हमेशा अच्छी तरह पका हुआ अंडा दें। उबले हुए अंडे को अच्छी तरह मैश करके या हल्का स्क्रैम्बल एग बनाकर थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें। पहली बार केवल एक-दो चम्मच ही दें और अगले 2 से 3 दिनों तक बच्चे पर नजर रखें। यदि किसी तरह की एलर्जी या परेशानी न हो, तो धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

बच्चे को अंडा खिलाने के फायदे
अंडा पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन A, विटामिन D, विटामिन B12, आयरन, सेलेनियम और कोलीन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में अंडा खिलाने से बच्चे की मांसपेशियां मजबूत बनने में मदद मिलती है। यह दिमाग के विकास और याददाश्त को बेहतर बनाने में सहायक होता है। अंडे में मौजूद प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। साथ ही यह आंखों के स्वास्थ्य, हड्डियों की मजबूती और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बेहतर बनाने में योगदान देता है।

क्या अंडा खिलाने से एलर्जी हो सकती है?
अंडा कुछ बच्चों में एलर्जी का कारण बन सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल एलर्जी के डर से अंडा देने में अनावश्यक देरी करना सही नहीं है। शोध बताते हैं कि सही समय पर और उचित तरीके से अंडा शुरू करने से कई बच्चों में फूड एलर्जी का जोखिम कम हो सकता है। हालांकि यदि बच्चे को पहले से गंभीर एक्जिमा, किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी या परिवार में गंभीर फूड एलर्जी का इतिहास है, तो अंडा शुरू करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि अंडा खाने के बाद बच्चे के शरीर पर लाल चकत्ते निकल आएं, चेहरे या होंठों पर सूजन आ जाए, बार-बार उल्टी हो, सांस लेने में कठिनाई हो या बच्चा बहुत ज्यादा सुस्त दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसे लक्षण एलर्जिक प्रतिक्रिया का संकेत हो सकते हैं।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बच्चे को हमेशा पूरी तरह पका हुआ अंडा ही दें। कच्चा या अधपका अंडा देने से बचें। पहली बार अंडा खिलाते समय कोई नया भोजन साथ में न दें, ताकि यदि कोई प्रतिक्रिया हो तो उसकी पहचान आसानी से हो सके। बच्चे की उम्र और जरूरत के अनुसार ही मात्रा बढ़ाएं तथा संतुलित आहार के साथ अंडा शामिल करें।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। हर बच्चे की शारीरिक स्थिति और पोषण संबंधी जरूरतें अलग हो सकती हैं। बच्चे के आहार में कोई नया खाद्य पदार्थ शामिल करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।


