By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Causes of Dizziness: अचानक चक्कर आना या सिर घूमने जैसा महसूस होना एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कई बार कमजोरी, थकान, भूखे रहने या शरीर में पानी की कमी के कारण चक्कर आते हैं, जबकि कुछ मामलों में यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। चक्कर आने पर कुछ लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे आसपास की चीजें घूम रही हैं, जबकि कुछ लोगों को सिर हल्का लगने, आंखों के सामने अंधेरा छाने या खड़े होते समय संतुलन बिगड़ने की शिकायत होती है। इसलिए चक्कर आने की प्रकृति और इसके साथ दिखाई देने वाले दूसरे लक्षणों को समझना जरूरी है।

चक्कर आने का मतलब क्या है?
चक्कर आना कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। मेडिकल भाषा में इसे Dizziness कहा जाता है। इसके कई रूप हो सकते हैं। किसी व्यक्ति को सिर हल्का लग सकता है, किसी को शरीर का संतुलन बिगड़ता महसूस हो सकता है और कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि कमरा या आसपास की चीजें घूम रही हैं। अगर कभी-कभार और थोड़े समय के लिए चक्कर आते हैं, तो इसका कारण साधारण भी हो सकता है। लेकिन अगर चक्कर बार-बार आते हैं, लंबे समय तक रहते हैं या इनके साथ बेहोशी, बोलने में परेशानी, तेज सिरदर्द, सीने में दर्द या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

चक्कर आने के प्रमुख कारण
चक्कर आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे सामान्य कारणों में शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक खाना न खाना, अचानक ब्लड प्रेशर गिरना, नींद की कमी और अत्यधिक थकान शामिल हैं। इसके अलावा कान के अंदर मौजूद बैलेंस सिस्टम से जुड़ी समस्या, लो ब्लड प्रेशर, एनीमिया, लो ब्लड शुगर, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट और तनाव या चिंता भी चक्कर का कारण बन सकते हैं।

Vertigo में ऐसा लगता है जैसे सब घूम रहा है
अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि कमरा, जमीन या आसपास की चीजें घूम रही हैं, तो इसे Vertigo कहा जा सकता है। यह अक्सर शरीर के संतुलन को नियंत्रित करने वाले अंदरूनी कान या मस्तिष्क से संबंधित कारणों की वजह से हो सकता है। Benign Paroxysmal Positional Vertigo यानी BPPV भी Vertigo का एक सामान्य कारण है। इसमें सिर की स्थिति बदलने, बिस्तर पर करवट लेने या ऊपर-नीचे देखने पर अचानक चक्कर आ सकते हैं।

शरीर में पानी की कमी से भी आ सकते हैं चक्कर
गर्मी, अधिक पसीना, उल्टी, दस्त या पर्याप्त पानी नहीं पीने की वजह से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में कमजोरी, सिर हल्का लगना और चक्कर जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हालांकि जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पीना भी उचित नहीं है। यदि लगातार उल्टी-दस्त या अत्यधिक कमजोरी के साथ चक्कर आ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

लो ब्लड प्रेशर भी हो सकता है कारण
कुछ लोगों को बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होने पर चक्कर आने लगते हैं। इसे Postural या Orthostatic Hypotension से जोड़ा जा सकता है। इस स्थिति में खड़े होने पर कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, जिससे सिर हल्का लगना या चक्कर आना संभव है। अगर ऐसा बार-बार होता है तो ब्लड प्रेशर की जांच करवाना और डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

लो ब्लड शुगर में भी आ सकते हैं चक्कर
लंबे समय तक खाना न खाने, अत्यधिक व्यायाम या डायबिटीज की कुछ दवाओं के कारण ब्लड शुगर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में चक्कर के साथ पसीना आना, कंपकंपी, भूख लगना, कमजोरी, बेचैनी या ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को ऐसे लक्षणों को विशेष रूप से नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से ब्लड शुगर की जांच करनी चाहिए।

एनीमिया में हो सकती है चक्कर की समस्या
शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। एनीमिया के कारण कुछ लोगों को कमजोरी, थकान, सांस फूलना, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपको लंबे समय से कमजोरी और चक्कर के साथ थकान महसूस होती है, तो डॉक्टर की सलाह से CBC और अन्य जरूरी जांच कराई जा सकती है।

कान की समस्या भी हो सकती है वजह
हमारे अंदरूनी कान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शरीर के संतुलन को बनाए रखने में भूमिका निभाता है। इसलिए कान से जुड़ी कुछ समस्याओं में चक्कर या असंतुलन की शिकायत हो सकती है। अगर चक्कर के साथ कान में आवाज आना, सुनाई कम देना या कान में दबाव जैसा महसूस हो, तो ENT विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है।
तनाव और चिंता से भी महसूस हो सकता है चक्कर
लगातार तनाव, चिंता और नींद की कमी भी कुछ लोगों में चक्कर या सिर हल्का लगने की समस्या बढ़ा सकती है। तनाव के दौरान सांस लेने के तरीके में बदलाव और शरीर की प्रतिक्रिया के कारण भी व्यक्ति को अस्थिरता महसूस हो सकती है। इसलिए पर्याप्त नींद, नियमित भोजन, हल्की शारीरिक गतिविधि और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करना जरूरी है।

कुछ दवाओं के कारण भी आ सकते हैं चक्कर
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में चक्कर, नींद या कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद बार-बार चक्कर आने लगे हैं, तो अपनी मर्जी से दवा बंद न करें। डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करके दवा के संभावित साइड इफेक्ट और विकल्प के बारे में जानकारी लें।
चक्कर आने पर तुरंत क्या करें?
चक्कर आने पर सबसे पहले बैठ जाएं या सुरक्षित जगह पर लेट जाएं ताकि गिरने से चोट न लगे। अचानक खड़े होने या तेज चलने से बचें। अगर लंबे समय से कुछ खाया नहीं है तो अपनी स्थिति के अनुसार हल्का भोजन किया जा सकता है। पानी की कमी की आशंका हो तो पर्याप्त तरल पदार्थ लें। वाहन चलाने या ऊंचाई पर काम करने से तब तक बचें जब तक चक्कर पूरी तरह ठीक न हो जाए।

कब चक्कर आना गंभीर माना जा सकता है?
अगर चक्कर के साथ अचानक बोलने में परेशानी, चेहरे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, चलने में गंभीर परेशानी, बेहोशी, तेज और असामान्य सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या लगातार उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। खासकर अचानक शुरू हुए गंभीर चक्कर और न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ गंभीर स्थितियों में तुरंत इलाज की आवश्यकता हो सकती है।
बार-बार चक्कर आएं तो कौन सी जांच हो सकती है?
बार-बार चक्कर आने पर डॉक्टर पहले आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और अन्य जांच कराने की सलाह दी जा सकती है। यदि चक्कर Vertigo जैसे हों या कान से जुड़े लक्षण मौजूद हों, तो ENT या न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ से जांच की आवश्यकता पड़ सकती है। जांच का चुनाव चक्कर के कारण और साथ मौजूद लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

चक्कर से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
समय पर भोजन करें और लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं। नींद पूरी करने की कोशिश करें और अचानक लेटे या बैठे हुए स्थान से खड़े न हों। अत्यधिक तनाव और थकान को कम करने की कोशिश करें। अगर आपको पहले से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एनीमिया या कान से जुड़ी समस्या है, तो नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
चक्कर आना कई बार सामान्य कारणों से हो सकता है, लेकिन लगातार या बार-बार होने वाला चक्कर किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। पानी की कमी, लो ब्लड प्रेशर, लो ब्लड शुगर, एनीमिया, Vertigo, कान की समस्या, तनाव और कुछ दवाएं इसके संभावित कारण हो सकते हैं।

इसलिए केवल चक्कर की समस्या को देखकर खुद से कोई बीमारी मान लेना सही नहीं है। अगर चक्कर बार-बार आ रहे हैं, बढ़ रहे हैं या उनके साथ कोई गंभीर लक्षण दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी व्यक्ति की बीमारी का निदान या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। चक्कर बार-बार आने, गंभीर होने या इसके साथ बेहोशी, बोलने में परेशानी, शरीर में कमजोरी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक तेज सिरदर्द जैसे लक्षण होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से संपर्क करें। अपनी मर्जी से कोई दवा शुरू या बंद न करें।
