By: Mala Mandal
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मानसून ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली पहुंच चुका है। हालांकि इस बार मानसून अपने सामान्य समय से करीब पांच दिन की देरी से राजधानी पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 26 वर्षों में यह 13वीं बार है जब मानसून ने जून के बजाय जुलाई महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है। मानसून की एंट्री के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के चलते लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने की आधिकारिक पुष्टि
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद आखिरकार यह दिल्ली तक पहुंच गया है। मानसून के आगे बढ़ने के लिए आवश्यक नमी, हवा की दिशा और दबाव की स्थितियां अनुकूल होने के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार मानसून की रफ्तार कुछ धीमी रही, जिसके कारण दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसकी एंट्री में देरी हुई। हालांकि अब मानसून सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।

26 वर्षों में 13वीं बार जुलाई में पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 26 वर्षों में यह 13वां अवसर है जब मानसून ने जुलाई महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है। सामान्य तौर पर मानसून 27 जून के आसपास राजधानी पहुंच जाता है, लेकिन इस बार पांच दिन की देरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की चाल पर समुद्री परिस्थितियां, हवा की दिशा, पश्चिमी विक्षोभ और अन्य वैश्विक मौसमी कारकों का प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से हर वर्ष मानसून के आगमन की तारीख में कुछ अंतर देखने को मिलता है।

गर्मी और उमस से मिली राहत
पिछले कई दिनों से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। मानसून के आगमन के साथ हुई बारिश ने मौसम को काफी सुहावना बना दिया है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत पहुंचाई। पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी मौसम का आनंद लेते हुए लोगों की भीड़ देखने को मिली।

अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि दिल्ली-एनसीआर में अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से भी अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।

किसानों और पर्यावरण के लिए राहत
मानसून का आगमन केवल शहरवासियों के लिए ही राहत नहीं लेकर आया है, बल्कि किसानों के लिए भी यह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई और अगस्त में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होती है तो कृषि उत्पादन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही भूजल स्तर और पर्यावरण संतुलन में भी सुधार देखने को मिलेगा।

नागरिकों के लिए सलाह
बारिश के मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले इलाकों से बचें, बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न जाएं और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वाहन चालकों को भी फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में पांच दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने आखिरकार राजधानीवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिला दी है। भारतीय मौसम विभाग की आधिकारिक पुष्टि के साथ मानसून का सफर अब दिल्ली तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की संभावना के बीच लोगों को मौसम सुहावना रहने की उम्मीद है। वहीं कृषि, पर्यावरण और जल संसाधनों के लिहाज से भी मानसून का यह आगमन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


