दिल्ली-NCR की हवा पिछले लगभग 24 दिनों से लगातार जहरीली बनी हुई थी। राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी को पार करते हुए 450 से 500 तक पहुंच गया था। ऐसे में रविवार को चली हल्की से मध्यम गति की हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत कितनी स्थायी होगी, यह अभी कहना मुश्किल है। सोमवार सुबह भी दिल्ली का औसत एक्यूआई ‘बहुत खराब’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी के करीब बना हुआ है।

24 दिनों बाद थोड़ा सुधार—पर खतरा अभी बरकरार
दिल्ली-NCR में नवंबर के अंतिम सप्ताह से लगातार हवा की गुणवत्ता बिगड़ती जा रही थी। सर्दी बढ़ने, हवा की रफ्तार कम होने और पराली जलने के मामलों के कारण शहर गैस चैंबर में बदल गया था। कई इलाकों में प्रदूषण स्तर इतना बढ़ गया था कि लोग सुबह-सुबह घरों से निकलने में डर रहे थे।
रविवार को आई हवा की हल्की गति ने कुछ देर के लिए AQI को नीचे जरूर धकेला, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी यह राहत बहुत सीमित है। सोमवार को भी कई इलाकों में एक्यूआई 350 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है।
कौन-कौन से इलाकों में हुआ सुधार?
दिल्ली और NCR के कई क्षेत्रों में रविवार शाम से प्रदूषण स्तर में गिरावट देखी गई। खासकर खुले इलाकों और हरियाली वाले क्षेत्रों में हवा थोड़ी साफ महसूस हुई।
दिल्ली के जिन क्षेत्रों में हल्का सुधार दर्ज किया गया:
आनंद विहार – AQI 450 से घटकर 380
वजीरपुर – AQI 420 से 360
ओखला फेज-2 – AQI 460 से 390
आईटीओ – AQI 430 से 370
रोहिणी – AQI 410 से 350
NCR के प्रमुख इलाकों में भी मामूली गिरावट दिखी:
नोएडा सेक्टर-62 – 420 से घटकर 340
ग्रेटर नोएडा – 400 से 330
गुरुग्राम सेक्टर-51 – 380 से 310
फरीदाबाद बडखल क्षेत्र – 410 से 360
यह सुधार इतना बड़ा नहीं है कि हवा को साफ कहा जा सके, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में लोगों ने राहत जरूर महसूस की।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
मौसम विभाग और प्रदूषण विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक-दो दिनों तक हवा की रफ्तार सामान्य बनी रहती है तो एक्यूआई में और गिरावट आ सकती है। लेकिन अगर हवा फिर से ठहर गई, तो प्रदूषण दोबारा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है:
हवा की गति 10–12 किमी/घंटा रहेगी तो AQI में सुधार होता रहेगा।
तापमान और अधिक गिरने पर प्रदूषक जमीन के पास जमा हो जाते हैं, जिससे AQI फिर बढ़ सकता है।
सर्दियों में दिल्ली की हवा में PM2.5 और PM10 का स्तर सामान्य से 6–8 गुना ज्यादा रहता है।
क्यों नहीं मिल रही स्थायी राहत?
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर साल दर साल बढ़ रहा है। हल्की हवा के बाद भी AQI ‘बेहद खराब’ से नीचे नहीं उतर पा रहा। इसके पीछे कई वजहें हैं—
1. पराली जलना
हालांकि पराली के मामले कम हुए हैं, लेकिन पंजाब और हरियाणा में जलने वाली पराली का प्रभाव अब भी दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है।
2. वाहन प्रदूषण में भारी वृद्धि
सर्दियों में लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता बढ़ जाती है, जिससे सड़क पर अत्यधिक प्रदूषण फैल रहा है।
3. निर्माण कार्य और धूल का स्तर
दिल्ली और NCR में भारी निर्माण कार्य लगातार जारी है। धूल का उठना हवा को और ज्यादा जहरीला बना देता है।
4. ठंड में हवा का नीचे रहना
सर्द मौसम में ‘इनवर्ज़न लेयर’ के कारण प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता और जमीन के पास ही जमा रहता है।
आपके इलाके का क्या है हाल?
दिल्ली-NCR के प्रमुख क्षेत्रों का सोमवार सुबह का अनुमानित AQI स्तर:
शहर/इलाका AQI श्रेणी स्तर (अनुमान)
दिल्ली (औसत) बेहद खराब 380–410
नोएडा बहुत खराब 330–360
गुरुग्राम बहुत खराब 310–350
फरीदाबाद बेहद खराब 350–390
गाज़ियाबाद बेहद खराब 360–420
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
चूंकि हवा अभी भी बेहद खराब है, इसलिए डॉक्टरों ने नागरिकों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
सुबह और शाम बाहर निकलने से बचें
N95 मास्क का उपयोग करें
घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें
बच्चों और बुजुर्गों को बाहर खेलने या घूमने से रोकें
पानी ज्यादा पिएं और विटामिन-C युक्त फल खाएं
सरकार और एजेंसियों ने क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली सरकार और केन्द्रीय एजेंसियां प्रदूषण रोकने के लिए कई उपाय कर रही हैं—
GRAP-III के तहत निर्माण कार्यों पर रोक
ट्रकों और डीजल वाहनों पर निगरानी
वॉटर स्प्रिंकलिंग और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग
प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्रवाई
आने वाले दिनों में मौसम का रुख क्या कहता है?
मौसम विभाग का अनुमान है कि:
अगले 48 घंटों में हवा की रफ्तार बढ़ सकती है
हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है, जो प्रदूषण कम करने में मदद करेगी
तापमान और नीचे जाने से AQI फिर बिगड़ सकता है

