By: Mala Mandal
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है। शुक्रवार को दिल्ली के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई और कई इलाकों में यह दिन इस सीजन का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में मौसम सुहाना हुआ, लेकिन जलभराव और यातायात की परेशानी भी सामने आई। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने शनिवार को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

दिल्ली में शुक्रवार को जमकर हुई बारिश
दिल्ली में शुक्रवार सुबह से ही कई इलाकों में बादल छाए रहे और दिन के दौरान बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रही। कई जगहों पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में भी राहत महसूस की गई। लगातार बारिश और बादल छाए रहने के कारण गर्मी और उमस से परेशान दिल्लीवासियों को कुछ राहत मिली। हालांकि, तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।

सीजन का सबसे बारिश वाला दिन
शुक्रवार की बारिश को दिल्ली के कई हिस्सों में इस मानसून सीजन का सबसे अधिक बारिश वाला दिन बताया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी में लगातार चौथे दिन बारिश का सिलसिला जारी रहा। दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में भी बारिश का असर खास तौर पर देखने को मिला है। बारिश के इस दौर ने दिल्ली के मौसम के साथ-साथ शहर की जल निकासी व्यवस्था को भी चुनौती दी। जहां कई इलाकों में पानी तेजी से निकल गया, वहीं कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित हुई।

शनिवार को भी बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 8 अगस्त को कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में जलभराव की चुनौती
दिल्ली में तेज बारिश होते ही जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाती है। राजधानी के कई निचले इलाकों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। शुक्रवार को भी कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद ऐसी स्थिति देखने को मिली। जलभराव का असर सिर्फ सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहता। इससे पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। अगर लगातार कई घंटों तक तेज बारिश होती है, तो जल निकासी व्यवस्था पर दबाव और बढ़ जाता है।

ट्रैफिक पर भी पड़ता है असर
दिल्ली में भारी बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित होना आम बात है। सड़क पर पानी जमा होने के साथ-साथ कई जगहों पर वाहन धीमी गति से चलते हैं। इससे प्रमुख सड़कों और चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है।शनिवार को भी बारिश की संभावना को देखते हुए वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर निचले इलाकों, अंडरपास और उन सड़कों पर सतर्क रहना जरूरी है जहां बारिश के बाद पानी जमा होने की संभावना अधिक रहती है।

अगस्त के पहले सप्ताह में बारिश का असर
दिल्ली में अगस्त की शुरुआत से ही मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के पहले सप्ताह में राजधानी में पिछले कई वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश ने दिल्ली के शुरुआती अगस्त के मौसम को काफी ज्यादा नम और ठंडा बनाया है। मानसून के सक्रिय रहने से दिल्ली के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बारिश के बाद तापमान में राहत मिलती है, लेकिन बारिश रुकने के बाद बढ़ी हुई नमी के कारण उमस भी महसूस हो सकती है।

मौसम विभाग की नजर मौसमी सिस्टम पर
IMD के ताजा मौसम बुलेटिन में उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाले मौसमी सिस्टम का उल्लेख किया गया है। विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।दिल्ली में भी इसी व्यापक मौसमी गतिविधि के कारण बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार अपने पूर्वानुमान और चेतावनी को अपडेट करता है।

दिल्लीवासियों के लिए जरूरी सावधानी
शनिवार को बारिश की संभावना को देखते हुए दिल्लीवासियों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर बहुत जरूरी न हो तो तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना बेहतर है। वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए। बारिश के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति में पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना लोगों के लिए सबसे उपयोगी कदम हो सकता है।

बारिश से गर्मी से राहत, लेकिन जलभराव की चिंता
दिल्ली में मानसूनी बारिश ने एक तरफ लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, तो दूसरी तरफ जलभराव और यातायात जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। शुक्रवार की बारिश ने राजधानी के कई हिस्सों में इस सीजन का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज कराया। अब शनिवार को भी बारिश का पूर्वानुमान होने के कारण दिल्लीवासियों की नजर मौसम पर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो राजधानी में तापमान और नीचे जा सकता है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी।
कुल मिलाकर दिल्ली में मानसून इस समय सक्रिय नजर आ रहा है। शुक्रवार की भारी बारिश के बाद शनिवार को भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।

