By: Mala Mandal
देवघर। देवघर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-33 स्थित बम्पास टाउन में वर्षों से नाला अतिक्रमण का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। स्थानीय निवासी पन्ना राम ने इस संबंध में नगर निगम, उपायुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर नाले की सरकारी मापी, अतिक्रमण हटाने तथा पक्के नाले एवं सड़क निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अतिक्रमण के कारण नाले की चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है और आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदन के अनुसार मामला मौजा बरियार बांधी, मोहल्ला बम्पास टाउन, वार्ड संख्या-33 के अंतर्गत स्थित दाग संख्या-397 के नाले से जुड़ा है। यह नाला सेठ सुरजमल जलान रोड से काली बाड़ी रोड तक फैला हुआ है। इसकी लंबाई लगभग 780 फीट तथा मूल चौड़ाई लगभग 45 से 50 फीट बताई गई है। आरोप है कि पिछले कई वर्षों से धीरे-धीरे नाले पर अवैध निर्माण कर उसका अतिक्रमण किया गया, जिसके कारण वर्तमान में कई स्थानों पर नाले की चौड़ाई घटकर लगभग 5 फीट रह गई है।

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा नाले के ऊपर अवैध रूप से मकान और दुकान का निर्माण कर दिया गया है। इससे न केवल सरकारी भूमि का अतिक्रमण हुआ है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। उनका कहना है कि नाले के संकरा होने के कारण बारिश के दिनों में पानी का बहाव रुक जाता है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

पन्ना राम ने यह भी बताया कि नाले के समीप उनकी खरीदी हुई जमीन स्थित है। लगातार बारिश के दौरान नाले का पानी उनकी जमीन की ओर बढ़ने लगा, जिससे उनके मकान को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि जलभराव और कटाव के कारण उनके मकान की दीवार भी गिर गई। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी चिंता भी सताने लगी है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार देवघर नगर निगम को दी, लेकिन अब तक न तो नाले की सरकारी मापी कराई गई और न ही अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित नाला क्षेत्र की जल निकासी का मुख्य स्रोत है। वर्तमान में नाला कच्चा होने के कारण गाद, कचरा और गंदगी जमा रहती है। इससे बरसात के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है तथा गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बनी रहती है।

पन्ना राम ने अधिकारियों से मांग की है कि सबसे पहले राजस्व अभिलेखों के आधार पर नाले की विधिवत मापी कराई जाए। इसके बाद सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए और पूरे नाले का पक्का निर्माण कराया जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि नाले के ऊपर सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके और क्षेत्र का समुचित विकास हो।

इस संबंध में उन्होंने वार्ड पार्षद, उपायुक्त, अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त एवं महापौर को भी आवेदन की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई है, ताकि मामले पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। आवेदन के साथ ऑनलाइन भू-नक्शा पोर्टल से प्राप्त नाले का नक्शा एवं विवरण भी संलग्न किया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से नाले की मापी कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है तो वर्षों पुरानी जल निकासी की समस्या का समाधान संभव हो सकेगा। साथ ही सड़क और पक्के नाले के निर्माण से पूरे क्षेत्र के लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है या नहीं। यदि प्रशासन समय पर प्रभावी कदम उठाता है तो न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।

