By: Mala Mandal
देवघर, 4 जुलाई 2026। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुगम संचालन को लेकर शनिवार को देवघर परिसदन सभागार में झारखंड एवं बिहार के अधिकारियों की महत्वपूर्ण इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन बैठक आयोजित की गई। संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया तथा श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसी के तहत देवघर सीमा में डबल डेकर कांवरिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा किसी भी छोटे-बड़े वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठाकर लाने की अनुमति नहीं होगी। सीमावर्ती जिलों को भी इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।

बैठक के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा मंदिर देवघर एवं बासुकीनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया मार्ग पर पड़ने वाले सभी जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए बिहार और झारखंड के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर और दुमका पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से जलार्पण कराना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में कई होल्डिंग प्वाइंट और टेंट सिटी विकसित किए गए हैं, जहां बिजली, पंखा, पेयजल, शौचालय, स्नानागार, मोबाइल चार्जिंग, स्वास्थ्य सेवाएं तथा साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। संथाल परगना आयुक्त ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक के माध्यम से दोनों राज्यों के अधिकारियों को 24×7 जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि भागलपुर, बांका, जमुई और मुंगेर जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर कांवरिया मार्ग की पल-पल की जानकारी साझा की जाएगी। इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में काफी मदद मिलेगी।

बैठक के दौरान छोटे बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया, ताकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के पास उनके परिजनों का मोबाइल नंबर और पता उपलब्ध रहे। इससे यदि कोई श्रद्धालु भीड़ में बिछड़ जाता है तो उसे उसके परिजनों से मिलाने में प्रशासन को आसानी होगी।
भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित थानों को भी आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान सघन गश्ती, चेकनाका और विशेष निगरानी के माध्यम से सभी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

बैठक की शुरुआत अनुमंडल पदाधिकारी देवघर सदर रवि कुमार द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से की गई। उन्होंने बताया कि श्रावणी मेला-2026 के सुरक्षित एवं सफल आयोजन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसके तहत रूट लाइनिंग, भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और आवासन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक होने की संभावना रहती है और कतार कुमैठा तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगमतापूर्वक जलार्पण कराया जाए।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के विश्राम एवं भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए टेंट सिटी और होल्डिंग प्वाइंट विकसित किए गए हैं। इन स्थलों पर शौचालय, स्नानागार, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
बैठक में उपायुक्त दुमका ने बासुकीनाथ मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बासुकीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के सफल संचालन के लिए बिहार और झारखंड के अधिकारी निरंतर समन्वय बनाए रखेंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान गोड्डा, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई के उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने जिलों में चल रही तैयारियों की जानकारी दी। सभी अधिकारियों ने अंतरराज्यीय समन्वय, विधि व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार श्रावणी मेला-2026 के दौरान वीआईपी पूजा अथवा आउट ऑफ टर्न दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। इसका उद्देश्य आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के सुगमतापूर्वक जलार्पण कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
प्रशासन का मानना है कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद रहने से कतार प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा तथा सभी संबंधित अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी चौबीसों घंटे संपर्क में रहकर कार्य करेंगे।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईजी भागलपुर, डीआईजी भागलपुर, डीआईजी दुमका, एसएसपी भागलपुर, जिलाधिकारी भागलपुर, जिलाधिकारी बांका, जिलाधिकारी मुंगेर, उपायुक्त गोड्डा, देवघर और दुमका, पुलिस अधीक्षक बांका, मुंगेर, जमुई, देवघर, दुमका और गोड्डा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर आयोजित यह इंटर स्टेट को-ऑर्डिनेशन बैठक श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि बिहार और झारखंड के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के उपयोग और चौबीसों घंटे सक्रिय निगरानी व्यवस्था के माध्यम से इस वर्ष का श्रावणी मेला पहले से अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित रूप से संपन्न कराया जा सकेगा।
